
गुरुवार की शुरुआत में बाज़ार सतर्क बने हुए हैं। व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक जोखिम और कमजोर अमेरिकी आंकड़ों के मिले-जुले असर से बाज़ार की धारणा पर दबाव है। अमेरिका-चीन व्यापार की संभावनाएं अब भी अनिश्चित हैं। इस सप्ताहांत राष्ट्रपति ट्रंप और शी के बीच संभावित, लेकिन अभी अपुष्ट, बैठक से पहले बाज़ार में चिंता बनी हुई है।
Ukraine, Iran और Gaza से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएँ भी दबाव बना रही हैं। US के निराशाजनक आर्थिक संकेतक अनिश्चितता को और बढ़ा रहे हैं। इनमें ISM Services PMI, ADP Employment Change और Fed की Beige Book शामिल हैं, जो सभी आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती की ओर इशारा करते हैं।
ट्रंप के प्रस्तावित इमिग्रेशन बिल की आलोचना बढ़ने से राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। एशिया में, चीन के रेयर अर्थ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंधों का असर अमेरिकी और जापानी वाहन निर्माताओं पर पड़ने लगा है। इससे कार्रवाई की मांग उठ रही है, जबकि बीजिंग का वैश्विक रेयर अर्थ आपूर्ति पर दबदबा बना हुआ है।
इस बीच, कीव के हालिया ड्रोन हमलों के बाद राष्ट्रपति Putin ने Trump के सामने यूक्रेन में युद्धविराम को लेकर संदेह जताया। अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर प्रगति के संकेत हैं, लेकिन यूरेनियम संवर्धन को लेकर चिंताओं के कारण यह अब भी नाज़ुक स्थिति में है।
यूरोप, चीन, जापान और भारत के साथ व्यापार वार्ताएं लगातार अटकी हुई हैं, जिससे बाज़ार का आशावाद और कम हो रहा है। खासकर इसलिए कि हाल के वैश्विक PMI आर्थिक गतिविधियों में कमज़ोरी दिखा रहे हैं। दबाव बढ़ाते हुए, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीतिगत फैसले और बेरोज़गारी भत्ते के साप्ताहिक दावों, गैर-कृषि उत्पादकता और यूनिट लेबर कॉस्ट सहित अमेरिका के अहम डेटा जारी होने से पहले ट्रेडर सतर्क हैं।
इस पृष्ठभूमि में, कमजोर प्रदर्शन के बाद US Dollar Index रिकवर करने के लिए संघर्ष कर रहा है और साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। इससे ECB के नरम रुख की उम्मीदों के बावजूद EURUSD को समर्थन मिल रहा है।
डॉलर में सुधारात्मक उछाल के बीच GBPUSD पीछे हटा, जबकि जापान के कमज़ोर वेतन आँकड़ों और जापानी सरकारी बॉन्ड की निराशाजनक मांग से USDJPY को बढ़त मिली। हाल की बढ़त के बाद AUDUSD और NZDUSD में सतर्कता दिखी। वहीं, बैंक ऑफ़ कनाडा के नीतिगत फ़ैसले के बाद आठ महीने के निचले स्तर पर पहुँचा USDCAD उबर गया। तेल की कमज़ोर कीमतों और केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों के रुख को लेकर अनिश्चितता ने भी इसे सहारा दिया।
इस बीच, पिछले दिन के मज़बूत प्रदर्शन के बावजूद सोना अपनी साप्ताहिक रेंज में स्थिर है। क्रिप्टो बाज़ार में बिटकॉइन लगातार तीसरे सत्र में गिरा, जबकि मामूली बढ़त के साथ बंद होने के बाद एथेरियम में आगे की तेज़ी नहीं दिखी।
EU और जर्मनी के Manufacturing PMI के कमजोर आंकड़े, ECB अधिकारियों की हाल की सतर्क टिप्पणियां और अमेरिका तथा चीन के साथ यूरोज़ोन के जारी व्यापार तनाव EUR/USD के बुल्स पर दबाव बनाए हुए हैं। हालांकि, कमजोर अमेरिकी आंकड़ों और डॉलर में नरमी से इस पेयर को ECB की आज की अपेक्षित 25 बेसिस पॉइंट की दर कटौती से पहले अपना स्तर बनाए रखने में मदद मिली है। फिर भी, ECB अध्यक्ष Christine Lagarde के संभावित नरम रुख और यूरोज़ोन में बढ़ती आर्थिक तथा राजनीतिक चुनौतियों के चलते यूरो का परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है, भले ही यह पेयर साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा हो।



अमेरिकी डॉलर में सुधारात्मक उछाल और मई के मिले-जुले UK PMI, साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की GBPUSD की कोशिश के बावजूद, इस जोड़ी के खरीदारों पर दबाव डाल रहे हैं। UK की आर्थिक बदलाव की प्रक्रिया को लेकर चिंताएं और प्रभावी ट्रेड समझौतों पर बातचीत करने व उन्हें लागू करने की क्षमता पर संदेह भी पाउंड स्टर्लिंग की बढ़त को सीमित कर रहे हैं। फिर भी, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, बाज़ार का आम तौर पर जोखिम लेने के पक्ष में रुख और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड से जुड़ी उम्मीदें GBP को कुछ सहारा दे रही हैं।
इस बीच, USDJPY में मामूली बढ़त बनी हुई है और इसकी साप्ताहिक गिरावट कुछ कम हुई है। जापान में वास्तविक वेतन लगातार चौथे महीने घटा, हालांकि मूल वेतन में चार महीनों की सबसे मज़बूत बढ़त दर्ज हुई। 30-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड की नीलामी के कमज़ोर नतीजों से येन पर और दबाव पड़ा। मांग अनुपात 2023 के बाद सबसे कम रहा। महंगाई के मज़बूत होने के संकेतों के बावजूद, जापान के हालिया आंकड़े कुल मिलाकर निराशाजनक रहे हैं। ऐसे में Bank of Japan के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ना अब भी चुनौतीपूर्ण है। टोक्यो और वॉशिंगटन के बीच व्यापारिक तनाव भी USDJPY को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि, येन की सुरक्षित निवेश की मांग और BoJ के सख्त रुख की बनी हुई उम्मीदें इस जोड़ी पर नीचे की ओर दबाव डालती रहती हैं, खासकर तब जब अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हो।
मज़बूत पिछले कारोबारी सत्र के बाद AUDUSD और NZDUSD अब भी दबाव में हैं। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापार संतुलन और चीन के PMI से मिले मिले-जुले संकेतों का असर इन पर पड़ा है, जबकि न्यूज़ीलैंड के ANZ कमोडिटी प्राइसेज़ के सकारात्मक आंकड़े इस दबाव को कम नहीं कर पाए। अमेरिका-चीन के बीच जारी व्यापार तनाव, बीजिंग की ओर से नए प्रोत्साहन उपायों की घोषणाएं और रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया तथा रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड, दोनों के नरम रुख से ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर की तेजी पर लगातार अंकुश लग रहा है। फिर भी, अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी साप्ताहिक आधार पर इन मुद्राओं को सहारा दे रही है।
इस बीच, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के चलते USDCAD आठ महीने के निचले स्तर से उबरा है। क्रूड ऑयल कनाडा का प्रमुख निर्यात है। Bank of Canada ने उम्मीद के मुताबिक रेट स्थिर रखे, लेकिन उसके सतर्क रुख और तेल की गिरती कीमतों से Loonie पेयर में सुधारात्मक उछाल आया।
सऊदी अरब उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है और संभावित अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते से प्रतिबंधों के कई महीनों बाद तेहरान के तेल निर्यात बढ़ाने की संभावना बनी है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इससे पहले, तेल दो हफ्तों के उच्चतम स्तर से नीचे आया था। WTI क्रूड ने अमेरिका के साप्ताहिक भंडार में पिछले दिन हुई अप्रत्याशित कमी को भी नज़रअंदाज़ किया।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और जारी अमेरिका-चीन व्यापार तनाव से खरीदारों पर दबाव पड़ने के कारण सोने की कीमत में मामूली गिरावट आई। हालांकि, सुरक्षित निवेश की मांग और मिले-जुले भू-राजनीतिक घटनाक्रम इस कीमती धातु को कुछ समर्थन देते रहे।
Bitcoin (BTCUSD) पर ETF से निकासी का दबाव है और ट्रंप की उद्योग-समर्थक नीतियों को लेकर आशावाद घट रहा है। इसके बावजूद, Ethereum (ETHUSD) अपनी तुलनात्मक रूप से कम कीमतों, व्यापक स्वीकार्यता और ETF में लगातार निवेश के कारण मज़बूती बनाए हुए है।
ECB द्वारा अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 0.25% की कटौती किए जाने की व्यापक उम्मीद है। इससे EUR/USD पर दबाव पड़ सकता है, खासकर अगर प्रेसिडेंट क्रिस्टीन लागार्ड अमेरिका के साथ व्यापारिक तनावों को उजागर करती हैं और आर्थिक परिदृश्य को लेकर सतर्क रुख बनाए रखती हैं। अमेरिका के साप्ताहिक बेरोज़गारी दावों, श्रम लागत और गैर-कृषि उत्पादकता के आंकड़ों में संभावित सुधार से यूरो पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
हालांकि, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ-साथ शुक्रवार की अहम US रोज़गार रिपोर्ट पर भी सबकी नज़र रहेगी। अगर US के रोज़गार आंकड़े लगातार कमजोरी दिखाते हैं, तो डॉलर अपनी हालिया बढ़त गंवा सकता है। इससे सोने, जापानी येन और स्विस फ़्रैंक जैसी सुरक्षित आश्रय वाली परिसंपत्तियों को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे परिदृश्य में EURUSD, GBPUSD और कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को भी फायदा हो सकता है। इस बीच, क्रिप्टोकरेंसी और इक्विटी में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल सकता है, हालांकि शेयरों में बढ़त का रुख रह सकता है।
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