
बुधवार को फेड के सख्त रुख वाले बयानों, भू-राजनीतिक तनाव और शेयरों में उतार-चढ़ाव से अमेरिकी डॉलर और सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी। गुरुवार की शुरुआत में, चीन की आर्थिक चिंताओं, वैश्विक ट्रेड वॉर की आशंकाओं और रूस-यूक्रेन तथा ईरान-इज़राइल से जुड़े बढ़ते संघर्षों के बीच जोखिम लेने की धारणा कमजोर बनी हुई है। बाजार अमेरिकी बेरोज़गारी दावों और शुक्रवार को जारी होने वाले नवंबर के PMI डेटा का भी इंतज़ार कर रहे हैं। इनसे बाजार का अस्थिर रुझान और बढ़ सकता है और सुरक्षित परिसंपत्तियों को समर्थन मिल सकता है।
इसके साथ, तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटने के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं, मासिक रेज़िस्टेंस और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से बढ़त को सहारा मिला है और सोने की रैली लगातार चौथे दिन जारी है।
अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व के तटस्थ ब्याज दर के करीब पहुँचने की चर्चा के उलट, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारी ब्याज दरों में और कटौती की मांग कर रहे हैं। इससे EURUSD की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। यूरोज़ोन की विकास दर के जोखिम और राजकोषीय नीतियों को लेकर ECB की चिंताएँ मंदी के रुझान को और बढ़ाती हैं। EU-चीन तनाव, रूस का युद्ध और जर्मनी में मंदी की आशंकाएँ यूरो पर और दबाव डाल रही हैं। ऐसे में, शुक्रवार को नवंबर के यूरोज़ोन और जर्मनी के PMI डेटा जारी होने से पहले मंदी के रुझान वाले ट्रेडर्स को उम्मीद है।
अमेरिकी डॉलर की मज़बूत वापसी ने ब्रिटेन के सकारात्मक महँगाई आँकड़ों का असर दबा दिया, जिससे GBPUSD चार दिनों में पहली बार दैनिक गिरावट की ओर बढ़ा। ब्रिटेन के आर्थिक बदलाव और Bank of England (BoE) के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर चिंताओं ने गिरावट का दबाव और बढ़ाया।
USDJPY मज़बूत बना हुआ है, क्योंकि राजनीतिक मतभेदों और मिले-जुले आंकड़ों के बीच बैंक ऑफ़ जापान की ब्याज दरें बढ़ाने की क्षमता पर संदेह बढ़ रहा है। जापान और चीन से अतिरिक्त प्रोत्साहन की उम्मीदों के साथ बढ़ती यील्ड भी येन पेयर की बढ़त को सहारा दे रही हैं।
चीन की आर्थिक कमज़ोरी की आशंकाओं और ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैंड के कमज़ोर आंकड़ों से AUDUSD और NZDUSD पर दबाव है, जबकि RBA का रुख “लंबे समय तक ऊंची दरें” बनाए रखने का है। इस बीच, कनाडा में महंगाई के मज़बूत आंकड़े भी USDCAD को नीचे नहीं ला सके। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और Bank of Canada (BoC) के नरम रुख के अनुमान ने इस पेयर को अहम टेक्निकल सपोर्ट के आसपास ऊंचे स्तर पर बनाए रखा।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिका में कच्चे तेल के साप्ताहिक भंडार में बढ़ोतरी से WTI कच्चे तेल पर दबाव पड़ा है और इसकी दो दिन की बढ़त का सिलसिला थम गया है। वहीं, जारी भू-राजनीतिक तनाव से आपूर्ति में संभावित कमी की चिंताएं हैं। OPEC+ के तेल आपूर्ति बढ़ाने के फैसले को टालने से इन चिंताओं का असर कुछ कम हुआ है, जिससे ऊर्जा ट्रेडर्स के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।
सोना सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर लगातार चमक रहा है। लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ इसने तीन हफ़्तों के रेज़िस्टेंस को पार किया और 50-दिवसीय EMA से ऊपर निकल गया। हालांकि, इसकी तेज़ी को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें चीन में विकास धीमा पड़ने की आशंका और फेड की ब्याज दरों में कटौती की रफ़्तार धीमी रहने की बढ़ती उम्मीदें शामिल हैं।



ट्रंप प्रशासन द्वारा व्हाइट हाउस में क्रिप्टो से जुड़ा नया पद बनाने की योजना की खबरों से बिटकॉइन (BTCUSD) को बढ़ावा मिला और इसकी कीमत करीब $98,000 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस बीच, इथेरियम (ETHUSD) में तेज़ी की रफ़्तार पकड़ने में मुश्किल हो रही है। ऑन-चेन डेटा कमज़ोर रहने और ट्रेडर्स की बिटकॉइन को व्यापक प्राथमिकता के चलते वे दूसरे ऑल्टकॉइन को तरजीह दे रहे हैं।
ट्रेडर्स RBA गवर्नर मिशेल बुलॉक और BoE, ECB तथा फ़ेड के नीति-निर्माताओं के भाषणों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। जिन अहम आँकड़ों पर नज़र रहेगी, उनमें कनाडा के मूल्य आँकड़े, अमेरिका के बेरोज़गारी दावे और फ़िलाडेल्फ़िया फ़ेड मैन्युफ़ैक्चरिंग सर्वे शामिल हैं।
इन घटनाओं का असर अपेक्षाकृत हल्का होने के कारण, अमेरिकी डॉलर की मौजूदा मज़बूती में बड़े बदलाव की संभावना कम है—जब तक कि नतीजे असाधारण न हों। हालांकि, शुक्रवार के PMI से पहले अमेरिकी डॉलर की आगे बढ़त को प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सोने की कीमतों को बढ़ावा मिल सकता है। EURUSD, GBPUSD और USDJPY को अमेरिकी डॉलर की किसी भी गिरावट से फ़ायदा न मिले, क्योंकि इनके अपने मंदी के कारक हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!