
सप्ताह के बीच में तेजी की रफ्तार धीमी पड़ रही है, क्योंकि महीने के अंत के फंड फ़्लो और अमेरिका व यूरोप के अहम डेटा से पहले की सतर्कता जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका में उपभोक्ता विश्वास में नरमी, व्यापार घाटे में बढ़ोतरी और श्रम बाज़ार के कमज़ोर संकेतों से अटलांटा फ़ेड का Q1 GDP पूर्वानुमान घटा है। इसके चलते बाज़ार अप्रैल 2026 तक फ़ेड की ब्याज दरों में 125 bps की कटौती को भाव में शामिल कर रहे हैं। Polymarket के अनुमानों से भी मंदी की आशंकाएँ बढ़ती दिख रही हैं। वहीं, ऑटो टैरिफ़ में राहत पर ट्रंप की अस्पष्ट टिप्पणियाँ और अमेरिका के व्यापार समझौतों को लेकर अनिश्चितता, भारत के साथ प्रगति के संकेतों के बावजूद, बाज़ार का माहौल बेहतर नहीं कर पा रही हैं।
चीन के कमजोर मैन्युफैक्चरिंग PMI से बाजार का माहौल और खराब हुआ है। इससे कमोडिटी और AUD तथा NZD जैसी कमोडिटी से जुड़ी करेंसी पर दबाव पड़ा है।
इस पृष्ठभूमि में, US Dollar Index (DXY) में रिकवरी जारी है, जिससे EURUSD, GBPUSD और सोने पर दबाव पड़ रहा है, जबकि USDJPY को रिकवर करने में मदद मिल रही है। इस बीच, USDCAD और USDCHF में हल्की गिरावट आई है, तेल पर दबाव बना हुआ है और क्रिप्टोकरेंसी में मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
फेड की ब्याज दर में कटौती की बढ़ती उम्मीदों और अमेरिका में मंदी की आशंकाओं के बावजूद, अमेरिकी डॉलर में सुधारात्मक उछाल के बीच EURUSD लगातार दूसरे दिन गिरा। फिर भी, यह प्रमुख करेंसी पेयर अल्पावधि की ट्रेडिंग रेंज में बना हुआ है। नए सिरे से बढ़े EU-US व्यापारिक तनाव और वैश्विक व्यापार व भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच यूरोज़ोन की हालिया आर्थिक रिकवरी जारी रखने की क्षमता पर संदेह से यूरो दबाव में है। उम्मीद से कमज़ोर जर्मन रिटेल सेल्स और पूरे क्षेत्र के कमज़ोर सेंटीमेंट आंकड़ों ने भी दबाव बढ़ाया है। आज बाद में यूरोज़ोन और अमेरिका के अहम विकास और महंगाई के आंकड़े आने हैं। ऐसे में ट्रेडर्स EURUSD की निकट अवधि की दिशा को लेकर सतर्क हैं, जबकि यह पेयर लगातार तीसरी मासिक बढ़त दर्ज करने की ओर देख रहा है।
USD में आई वापसी और ब्रिटेन के कारोबारी भरोसे के तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के साथ, GBPUSD पिछले दिन 38 महीने के उच्च स्तर से आई गिरावट को और बढ़ा रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी व्यापार संरक्षणवाद के खिलाफ EU और UK के बीच फिर से तालमेल, ब्रिटेन की आर्थिक मजबूती और ब्याज दरों के परिदृश्य को लेकर संदेह भी पाउंड खरीदने वालों के लिए चुनौती हैं। इस बीच, जापान के खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन के निराशाजनक आंकड़ों के बाद USDJPY में बढ़त जारी है। रुकी हुई अमेरिका-जापान व्यापार वार्ता और बढ़ते वैश्विक मंदी के जोखिमों से बैंक ऑफ़ जापान की सख्ती सीमित होने की आशंकाएं भी इस जोड़ी को सहारा दे रही हैं।
अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया ट्रेड डील को लेकर बढ़ती चिंताओं और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत महंगाई के चलते AUDUSD पिछले दिन की गिरावट से उबर गया, जबकि चीन से जुड़ी चिंताएं और ऑस्ट्रेलियाई कोषाध्यक्ष चाल्मर्स की नरम टिप्पणियां जारी रहीं।
बाज़ार में उतार-चढ़ाव और न्यूज़ीलैंड से अप्रैल के निराशाजनक कारोबारी भरोसे के आंकड़ों के बावजूद NZDUSD ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष की चाल का अनुसरण किया और मामूली बढ़त दर्ज की।
दूसरी ओर, उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद USDCAD पर दबाव बना हुआ है। कनाडा के आम चुनावों में मार्क कार्नी की जीत के बाद अमेरिका-कनाडा संबंधों को लेकर आशावाद बढ़ा है। इस बीच, इस जोड़ी ने कनाडा के प्रमुख निर्यात कच्चे तेल की कमज़ोर चाल और BoC के नरम रुख को नज़रअंदाज़ किया है।



अमेरिकी तेल भंडार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी, चीन की आर्थिक चिंताओं और OPEC+ के उत्पादन को लेकर आशंकाओं से सेंटीमेंट कमजोर हुआ। इसके चलते WTI क्रूड लगातार तीसरे दिन गिरा और 11 अप्रैल के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अस्थिर अमेरिकी डॉलर के बावजूद सोना भी लगातार दूसरे दिन पीछे हटा। चीन से जुड़ी मांग की चिंताओं, अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और महीने के अंत में बाजारों में आम तौर पर होने वाले कंसोलिडेशन से इस पर दबाव पड़ा।
अमेरिकी डॉलर की वापसी से जोखिम वाली एसेट्स पर दबाव के बावजूद, Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) में हल्की बढ़त आई और मंगलवार की गिरावट पलट गई। एरिज़ोना रिज़र्व योजनाओं, कॉरपोरेट मांग में मज़बूती और ETF में बढ़ते निवेश से आशावाद को बल मिला।
ट्रेडर आज जारी होने वाले अहम डेटा पर नज़र रखेंगे। इनमें यूरोप और अमेरिका की 2025 की पहली तिमाही की GDP के शुरुआती आंकड़े, अमेरिकी Core PCE Price Index और ADP Employment Change शामिल हैं। जर्मनी के शुरुआती विकास और महंगाई के आंकड़े भी अहम होंगे। इसके अलावा, Trump की 'Investing in America' संबंधी टिप्पणियों और Labor Day की छुट्टी से पहले चीनी बाज़ार सहभागियों की आखिरी कोशिशों पर भी ध्यान रहेगा।
शुरुआती संकेत अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और महंगाई के कमजोर आंकड़ों की ओर इशारा करते हैं। इससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ सकता है और सोने तथा अन्य प्रमुख मुद्राओं को उबरने का मौका मिल सकता है। हालांकि, यूरोज़ोन और जर्मनी के निराशाजनक आंकड़ों के कारण EURUSD के लिए मजबूती बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इस बीच, क्रूड ऑयल पर दबाव बना रह सकता है, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि क्रिप्टोकरेंसी और शेयरों में मामूली बढ़त हो सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!