
ज्यादातर सकारात्मक रहे सप्ताह के बाद सोमवार को ट्रेडिंग का रुख सतर्क बना हुआ है। चीन अपस्फीति का सामना कर रहा है और अमेरिकी एल्यूमीनियम व स्टील टैरिफ को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। अमेरिकी CPI आंकड़ों और FOMC की संचार-प्रतिबंध अवधि से पहले बाजार भी इंतज़ार की स्थिति में रहे। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) को नवंबर 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद, चार महीने के निचले स्तर से थोड़ा उबरने का मौका मिला।
मिश्रित आँकड़ों और ट्रेड वॉर की चिंताओं के कारण अमेरिकी विकास की रफ़्तार धीमी पड़ने की आशंकाओं के साथ-साथ फ़ेडरल रिज़र्व के सख़्त नीतिगत रुख के संकेतों की कमी ने हाल ही में अमेरिकी डॉलर को कमज़ोर किया है। अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने की आशंकाओं और यूरोप, यूक्रेन तथा रूस में राजनीतिक तनाव कम होने से भी डॉलर पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। शुक्रवार को अमेरिका की नॉनफ़ार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट थोड़ी सकारात्मक रही, लेकिन बेरोज़गारी दर बढ़ने और वेतन वृद्धि धीमी पड़ने के साथ-साथ Fed चेयर पॉवेल के सतर्क रुख ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला।
मजबूत साप्ताहिक बढ़त के बाद EURUSD नवंबर 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर ठहर गया है। यह 29 महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है। जर्मनी में खर्च बढ़ने की उम्मीद और भू-राजनीतिक तनाव घटने से यूरोज़ोन को लेकर आशावाद बढ़ा है, लेकिन ट्रेडर्स अब इसका फिर से आकलन कर रहे हैं। हालांकि, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का सतर्क रुख, ECB अध्यक्ष लगार्ड के आगामी भाषण और बुधवार को आने वाले US CPI आंकड़े यूरो की आगे की बढ़त को सीमित कर सकते हैं।
इस बीच, पांच महीने के निचले स्तर से उछलने के बाद USDJPY में गिरावट आई। जापान में 32 साल की सबसे तेज़ वेतन वृद्धि से बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, दो साल में जापान का पहला चालू खाता घाटा, वास्तविक वेतन में गिरावट और सतर्क परिदृश्य, कई महीनों के निचले स्तरों पर USDJPY की गिरावट को सीमित कर रहे हैं।
ब्रिटेन के हालिया आंकड़ों में सुधार और अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी से GBPUSD को नवंबर 2022 के बाद का सबसे अच्छा सप्ताह दर्ज करने में मदद मिली। हालांकि, टैरिफ से जुड़े मुद्दों और Bank of England की ब्याज दरों में कटौती की अटकलों के बीच, नई ब्रिटिश सरकार की आर्थिक वृद्धि बनाए रखने की क्षमता को लेकर चिंताएं आगे की बढ़त को सीमित कर रही हैं। इसके अलावा, इस सप्ताह के अमेरिकी महंगाई आंकड़ों, टैरिफ घोषणाओं और ब्रिटेन के मासिक आंकड़ों से पहले बाजार की अनिश्चितता भी पाउंड की आगे की बढ़त को परख रही है।
पिछले दिन की गिरावट से उबरने के लिए AUDUSD और NZDUSD में बढ़त आई। वहीं, कमजोर कच्चे तेल की कीमतों और कनाडा में राजनीतिक अशांति के बावजूद USDCAD में गिरावट आई, जिससे शुक्रवार की बढ़त कम हो गई—चार दिनों में इसकी पहली बढ़त। चीन के कमजोर महंगाई आंकड़ों, प्रोत्साहन की उम्मीदों और केंद्रीय बैंकों के नरम रुख के बीच ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं को दिशा पाने में मुश्किल हो रही है। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर की वजह से हाल की सुस्त चाल के बावजूद इनमें मामूली बढ़त आई।



चीन और भारत से कमज़ोर मांग की चिंताओं के बावजूद, जिनकी वजह से हाल ही में सोने के टेक्निकल रेज़िस्टेंस स्तरों की जाँच हुई, इस कीमती धातु का कुल रुझान अब भी ऊपर की ओर है। सोने के खरीदार कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं। इसकी वजह अमेरिकी महँगाई के नरम पड़ने की उम्मीदें हैं, जो Fed के सख़्त रुख़ को चुनौती देती हैं। इसके अलावा, नए टैरिफ़ और भू-राजनीतिक तनावों से उपजी वैश्विक विकास की चिंताएँ ट्रेडर्स को सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर खींच रही हैं।
जहां कमजोर अमेरिकी डॉलर से अन्य कमोडिटी और करेंसी को फायदा हुआ, वहीं अप्रैल में OPEC+ की सप्लाई बढ़ने की आशंका के कारण कच्चा तेल कई हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया। ट्रंप के उत्पादन बढ़ाने के दबाव और आर्थिक विकास को लेकर चिंताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा मांग घटने की आशंका ने भी गिरावट को बढ़ाया।
व्हाइट हाउस के क्रिप्टो समिट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिटकॉइन रिज़र्व की खबर आम तौर पर सकारात्मक होने के बावजूद, इसका Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) के विक्रेताओं पर सीमित असर पड़ा। ट्रंप के रिज़र्व की घोषणा का कुल मिलाकर नकारात्मक असर रहा। संस्थागत निवेशकों की घटती दिलचस्पी के साथ मिलकर, इसने पिछले हफ्ते क्रिप्टो में बड़ी गिरावट को जन्म दिया।
हल्के आर्थिक कैलेंडर और FOMC से पहले की ब्लैकआउट अवधि के कारण हफ्ते की शुरुआत में फ़ॉरेक्स बाजार शांत रहने की उम्मीद है। हालांकि, बाजार में संभावित हलचल के लिए ट्रेडर ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड के भाषण, अमेरिकी धातु टैरिफ़ पर अपडेट और कनाडा, रूस, यूक्रेन तथा ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव पर नज़र रखेंगे। यदि उत्तर अमेरिकी सत्र के दौरान जोखिम से बचने का रुझान बना रहता है, तो अमेरिकी डॉलर पिछले हफ्ते की गिरावट से उबर सकता है। इससे EURUSD और GBPUSD में गिरावट आ सकती है, खासकर ECB और BOE के नरम रुख को देखते हुए। USDJPY और सोना स्थिर रह सकते हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं में तेजी की गति कम रह सकती है और कच्चे तेल में विक्रेताओं की दिलचस्पी बढ़ सकती है। क्रिप्टोकरेंसी में बिकवाली जारी रह सकती है, जबकि इक्विटी में हाल की बढ़त के बाद ठहराव आ सकता है।
इस हफ़्ते बुधवार को US CPI, गुरुवार को US PPI और शुक्रवार को UoM कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स जैसे अहम आंकड़े जारी होंगे। जापान, UK और यूरोप की आर्थिक रिपोर्टों के साथ ये आंकड़े बाज़ार की दिशा समझने में मदद करेंगे और अगले हफ़्ते की FOMC बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर में रिकवरी ला सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!