
गुरुवार को Juneteenth के अवसर पर US बाज़ार बंद होने के बावजूद वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ट्रेडर ईरान-इज़राइल संघर्ष और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ US की व्यापार वार्ताओं से जुड़ी परस्पर विरोधी खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी से तत्काल संघर्ष की आशंकाएं कम हुईं कि वह ईरान पर हमला करने का फ़ैसला “दो हफ़्तों के भीतर” करेंगे। हालांकि, ईरान के इज़राइल पर मिसाइल हमलों और ईरान को निशाना बनाने की इज़राइल की घोषणा से भू-राजनीतिक जोखिम ऊंचे बने रहे। यूरोप, रूस और US के नेताओं ने मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को रोकने के लिए काम किया।
व्यापार के मोर्चे पर, EU और जापान ने अमेरिका के साथ बातचीत पर निराशा जताई, जबकि कनाडा ने बातचीत विफल होने की स्थिति में संभावित टैरिफ़ की तैयारी की। केंद्रीय बैंक की खबरों में, स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की, जबकि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और चीन के केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरें स्थिर रखीं। बैंक ऑफ़ जापान की बैठक के मिनट्स में महंगाई को लेकर चिंताएं और आगे ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर हिचकिचाहट सामने आई। हालांकि, महंगाई के मजबूत आंकड़ों ने सुरक्षित निवेश की मांग के चलते येन को समर्थन दिया।
UK में उपभोक्ता विश्वास एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। सेवा क्षेत्र की महँगाई लगातार बनी रहने के बावजूद BoE के अधिकारियों ने अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा। इस बीच, रूस के उप प्रधानमंत्री नोवाक ने तेल उत्पादन बढ़ाने की मांग की, लेकिन मध्य पूर्व में आपूर्ति को लेकर चिंताओं के चलते कीमतें मज़बूत बनी रहीं।
U.S. Dollar Index (DXY) ने पिछले दिन चार दिनों की बढ़त का सिलसिला तोड़ा। प्रेस समय तक साप्ताहिक उच्च स्तर से इसकी गिरावट और बढ़ गई थी। इसके बावजूद, मजबूत डॉलर और वसंत के आखिर में आम तौर पर होने वाले कंसोलिडेशन के दबाव में सोने में पांच हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट आई। इस अवधि में यह साप्ताहिक नुकसान की ओर भी बढ़ रहा है।
करेंसी बाज़ार में EURUSD और GBPUSD ने साप्ताहिक नुकसान की भरपाई की, USDJPY तीन सप्ताह के उच्च स्तर के करीब रहा, जबकि AUDUSD और NZDUSD में उछाल आया। USDCAD की तीन दिन की तेजी थमी और यह साप्ताहिक उच्च स्तर से नीचे आया। ऑयल में हल्की बढ़त बनी रही और यह लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ा। वहीं, क्रिप्टोकरेंसी, शेयरों और बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना रहा।
Juneteenth की छुट्टी के बाद अमेरिकी ट्रेडर्स ऐसे बाजार में लौटे जहां कीमतों में ठहराव था। ईरान पर हमले की अमेरिकी योजनाओं को संभावित रूप से रोकने की चर्चा से अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई। यह सप्ताह की शुरुआत में आए कमजोर अमेरिकी आंकड़ों और ब्याज दरें स्थिर रखने के Fed के फैसले के बाद हुआ। नतीजतन, EURUSD और GBPUSD ने साप्ताहिक निचले स्तरों से अपनी रिकवरी आगे बढ़ाई और लगातार दूसरे दिन मजबूत बने रहे।
प्रस्तावित 10% अमेरिकी टैरिफ़ को लेकर EU की चिंताओं, ECB की सतर्क टिप्पणियों और अमेरिकी व्यापार नीतियों तथा मध्य पूर्व के तनाव से जुड़ी आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद EURUSD चढ़ा।
BoE के ब्याज दरें स्थिर रखने, आर्थिक आशावाद बने रहने, सेवा क्षेत्र की महंगाई को लेकर चिंताओं, व्यापार की उम्मीदों और 2025 में GfK कंज़्यूमर कॉन्फ़िडेंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने से GBPUSD ने एक महीने के निचले स्तर से मजबूत रिकवरी की। ध्यान देने वाली बात है कि यूके की कमजोर खुदरा बिक्री ने हाल में GBPUSD की तेजी को रोक दिया हो सकता है।
इस बीच, BoJ की बैठक के मिनट्स से भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। कुछ नीति-निर्माता अमेरिका से जुड़े वैश्विक विकास के जोखिमों को लेकर चिंतित थे। फिर भी, शुक्रवार को जारी जापान के मजबूत महंगाई आंकड़ों से मौद्रिक नीति को और सख्त करने का आधार मजबूत हुआ। इससे USDJPY तीन सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आया, हालांकि जापानी येन की सेफ़-हेवन मांग और अमेरिका-जापान व्यापार संबंधों को लेकर अनिश्चितता के कारण यह जोड़ी अब भी अस्थिर बनी हुई है।



ईरान पर ट्रंप की दो हफ्तों की चेतावनी के बाद बाजार का सेंटीमेंट बदला, जिससे ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर में रिकवरी आई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उनकी साप्ताहिक गिरावट कम हुई।
न्यूज़ीलैंड में छुट्टी के कारण NZDUSD में सीमित उतार-चढ़ाव रहा, फिर भी इसमें उछाल के संकेत दिखे। AUDUSD में सतर्क आशावाद के साथ रिकवरी हुई, जबकि USDCAD सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आया। इसकी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (कनाडा का प्रमुख निर्यात) और अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट रही।
हालांकि, कनाडा की खुदरा बिक्री को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता के मिले-जुले संकेत USDCAD ट्रेडर्स के लिए चुनौती बने हुए हैं।
बाजार पर मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के दबाव के बावजूद, Gold पाँच हफ्तों में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। इस गिरावट की मुख्य वजह US Dollar Index (DXY) में आई तेजी है, जो तीन हफ्तों में अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है।
मौसमी कारकों ने भी सोने की कीमत में गिरावट में योगदान दिया। इनमें मई-जून में कीमतों में आम तौर पर होने वाली गिरावट और चीन तथा भारत से भौतिक मांग में बढ़ोतरी न होना शामिल है। हालांकि, ध्यान दें कि यह केवल अस्थायी गिरावट है, सोने के कुल तेजी के रुझान में बदलाव नहीं।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव, तेल के भंडार में गिरावट और चीन की प्रोत्साहन योजनाएं कच्चे तेल को लगातार तीसरी साप्ताहिक बढ़त की ओर ले जा रही हैं।
दूसरी ओर, बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और एक बड़े वॉलेट की चोरी के बीच Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) दबाव में हैं। हालांकि, ETF में मज़बूत निवेश प्रवाह और वास्तविक दुनिया में क्रिप्टो को अपनाने की कोशिशें गिरावट को सीमित कर रही हैं।
कमज़ोर यूके रिटेल डेटा और जापान की ऊँची महंगाई के बाद, शुक्रवार को कनाडा की रिटेल सेल्स और मध्यम स्तर के केंद्रीय बैंक अधिकारियों के भाषणों पर नज़र रहेगी। हालांकि, बाज़ार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक इज़राइल-ईरान संघर्ष में अमेरिका की संभावित भागीदारी और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार वार्ता पर आने वाले अपडेट होंगे।
अगर अमेरिका युद्ध में शामिल होता है, तो जोखिम से बचने की भावना तेज़ हो सकती है। इससे अमेरिकी डॉलर मज़बूत हो सकता है और सोना $3,350 से नीचे, संभवतः $3,300 तक गिर सकता है। ऐसे में प्रमुख मुद्राओं, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी मुद्राओं तथा क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आ सकती है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें और चढ़ सकती हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!