
बुधवार सुबह जोखिम को लेकर धारणा सतर्कता के साथ सकारात्मक बनी रही, क्योंकि सरकारी शटडाउन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघीय कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर नौकरी से निकालने की चिंताएँ कम हुईं। इस आशावाद को फेडरल रिज़र्व (Fed) से नरम रुख की उम्मीदों, किसी बड़े जोखिम वाली घटना के अभाव और रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) की अप्रत्याशित 50 बेसिस पॉइंट की दर कटौती से समर्थन मिला। हालांकि, फ्रांस और जापान में राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन ने धारणा को दबाए रखा।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने संघीय कर्मचारियों की छँटनी की अपनी योजना बदल दी है। ऐसा तब हुआ जब रिपब्लिकन सांसदों और अधिकारियों ने राजनीतिक जोखिमों को स्वीकार किया। व्हाइट हाउस अब छँटनी के नोटिस जारी करने में देरी कर रहा है। शटडाउन के कारण ट्रंप ने किसानों को वित्तीय सहायता न देने का भी फ़ैसला किया, हालांकि उन्होंने और अमेरिकी हाउस स्पीकर केविन मैकार्थी ने काम से हटाए गए कर्मचारियों को बकाया वेतन देने का समर्थन किया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शटडाउन जारी रहा, तो काम से हटाए गए कुछ कर्मचारी वापस नहीं लौट सकते।
भारत में सरकारी रिफ़ाइनरियों ने रूसी तेल के लिए युआन में भुगतान फिर शुरू कर दिया है। इसकी वजह चीन के साथ बेहतर होते संबंध और रूस पर जारी प्रतिबंध हैं। इस कदम से भारत को रूसी कच्चे तेल तक ज़्यादा पहुंच मिल सकती है, लेकिन रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच रूस की तेल से होने वाली कमाई घटाने की पश्चिमी कोशिशों का निशाना बनने का जोखिम भी है।
Atlanta Fed का तीसरी तिमाही की वृद्धि के लिए GDPNow अनुमान 3.8% पर बना रहा, जबकि New York Fed के उपभोक्ता सर्वेक्षण में एक साल की महँगाई की उम्मीदें 3.2% से बढ़कर 3.4% हो गईं।
फ़ेडरल रिज़र्व के कई अधिकारियों ने अपनी राय रखी: मिरान ने कहा कि तटस्थ ब्याज दर पर आबादी में बड़े बदलावों का असर पड़ता है। काशकारी ने कहा कि यह तय करना अभी जल्दबाज़ी होगी कि टैरिफ से महँगाई लगातार बनी रहेगी या नहीं। बॉस्टिक ने AI की व्यवधान पैदा करने की क्षमता का ज़िक्र किया, जबकि डेली ने कहा कि अभी तक AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियाँ जाने का कोई सबूत नहीं है।
MUFG Bank के ली हार्डमैन के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू के इस्तीफ़े के बाद अटकलें हैं कि फ्रांस साल के अंत से पहले संसदीय चुनाव करा सकता है। इससे यूरो पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मज़बूती और यूरोज़ोन की चुनौतियाँ भी EURUSD जोड़ी पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं।
जापान में, नई पार्टी नेता Sanae Takaichi और कोमेइतो नेता Tetsuo Saito के बीच मतभेदों के बाद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने संसद का विशेष सत्र टाल दिया। यह सत्र 20 अक्टूबर या उसके बाद होने वाला था। इस देरी से पूर्व प्रधानमंत्री Shigeru Ishiba के उत्तराधिकारी के चुनाव में भी देरी होगी।
जापान के विनिर्माण क्षेत्र का सेंटिमेंट चार महीनों में पहली बार गिरा। इसकी मुख्य वजह ऑटो सेक्टर में आई सुस्ती थी, जो अमेरिकी टैरिफ़ से प्रभावित है। विनिर्माण सूचकांक सितंबर के +13 से गिरकर अक्टूबर में +8 पर आ गया। ऑटो और परिवहन मशीनरी सेक्टर में तेज गिरावट दर्ज हुई, जो अमेरिकी टैरिफ़ और बढ़ती लागत के असर को दर्शाती है।
महंगाई के नाममात्र वेतन वृद्धि से तेज़ रहने के कारण जापान में अगस्त में वास्तविक वेतन लगातार आठवें महीने गिरा। वास्तविक वेतन साल-दर-साल 1.4% कम हुआ, जो तीन महीनों में सबसे बड़ी गिरावट थी। नाममात्र वेतन में 1.5% की बढ़त के बावजूद, ऊँची कीमतों और बोनस जैसे एकमुश्त भुगतानों में 10.5% की गिरावट के चलते महंगाई के हिसाब से समायोजित वेतन में कमी जारी रही।
RBNZ द्वारा ब्याज दर में अप्रत्याशित 50 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 2.50% पर लाने से बाज़ार चौंक गया। यह तीन साल का सबसे निचला स्तर है। केंद्रीय बैंक का यह फैसला न्यूज़ीलैंड के आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंता दर्शाता है और आगे ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश छोड़ता है।
कनाडा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठक के बाद सकारात्मक बयान आए। हालांकि किसी बात को अंतिम रूप नहीं दिया गया, लेकिन कनाडा के व्यापार मंत्री फ़्राँस्वा-फ़िलिप शैम्पेन ने आशावाद जताया। स्टील, एल्युमिनियम और ऊर्जा चर्चा के अहम विषय रहे। अगस्त में कनाडा का व्यापार घाटा 6.32 अरब कनाडाई डॉलर रहा, जो 5.55 अरब डॉलर के अनुमानित घाटे से अधिक था।
कच्चे तेल के भंडार के एक निजी सर्वेक्षण में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी दिखी। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी बताया कि 3 से 7 अक्टूबर के बीच खाड़ी क्षेत्र में GNSS सिग्नल में बाधा बढ़ी, जिससे Bandar-e-Pars, Strait of Hormuz और Port Sudan के पास जहाज़रानी परिचालन प्रभावित हुआ।
टेक्नोलॉजी की ख़बरों में, Elon Musk का AI स्टार्टअप xAI 20 अरब डॉलर तक जुटा रहा है। Nvidia इसमें 2 अरब डॉलर तक इक्विटी निवेश करेगी और xAI के नए Colossus 2 डेटा सेंटर के लिए GPU उपलब्ध कराएगी। इस सौदे में Apollo, Valor और Diameter की ओर से GPU-समर्थित कर्ज़ भी शामिल है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे सौदों से AI कंपनियों के बीच पूँजी और राजस्व का एक चक्र बनता है। इससे कारोबारी विकास में ठोस योगदान के बिना ही कंपनियों का मूल्यांकन बढ़ सकता है।
इस बीच, अमेरिका के तीनों प्रमुख इक्विटी इंडेक्स (Dow Jones, S&P 500 और Nasdaq Composite) मंगलवार की ट्रेडिंग मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, दिन में इससे पहले S&P 500 और Nasdaq, दोनों ने नए सर्वकालिक उच्च स्तर (ATH) बनाए थे।
इन घटनाक्रमों के बीच, प्रमुख करेंसी पर भरोसा कम होने के साथ ज़्यादा से ज़्यादा निवेशक सोने और बिटकॉइन जैसी गैर-डॉलर परिसंपत्तियों की ओर रुख़ कर रहे हैं। सोने की तेज़ी की वजह कोई संकट नहीं, बल्कि अमेरिका के राजकोषीय दबाव, बढ़ते कर्ज़ और नीति में गड़बड़ियों की चिंताएँ हैं—जिसे वॉल स्ट्रीट अब “डिबेसमेंट ट्रेड” कहता है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा। इसमें लगातार तीसरे दिन बढ़त हुई और यह अगस्त की शुरुआत के रेज़िस्टेंस स्तरों को पार कर गया। इससे अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला, जबकि यूरो, ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, कनाडाई डॉलर और स्विस फ़्रैंक पर दबाव पड़ा। हालांकि, सोना तेज़ी से बढ़कर $4,000 के पार पहुंच गया और येन और कमज़ोर हुआ।



EURUSD पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। यह लगातार तीसरा दिन था जब इसमें गिरावट दर्ज हुई। GBPUSD में कमजोरी और बढ़ी और यह नए साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, USDJPY में तेज़ उछाल आया और यह मध्य फरवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसमें लगातार पांचवें दिन तेजी जारी रही। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती और यूरोप व जापान में व्यापार तथा राजनीतिक तनावों ने यूरो (EUR) और जापानी येन (JPY) पर दबाव डाला। कमजोर घरेलू आंकड़ों और इस चिंता के चलते ब्रिटिश पाउंड (GBP) पर भी दबाव रहा कि लेबर सरकार नवंबर में पेश होने वाले आगामी शरदकालीन बजट से ब्रिटिश मतदाताओं को संतुष्ट करने में संघर्ष कर सकती है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर फिलहाल व्यापार और राजनीतिक चर्चा के लिए भारत में हैं।
NZDUSD में 3 हफ़्तों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट आई और यह अप्रैल की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) की अप्रत्याशित 0.50% ब्याज दर कटौती थी। उम्मीद से बड़ी इस कटौती और RBNZ के आगे भी दरें घटाने के संकेत से NZDUSD पर भारी दबाव पड़ा। नीति-निर्माताओं ने न्यूज़ीलैंड की बढ़ती आर्थिक चिंताओं का ज़िक्र किया, जिससे इस करेंसी पेयर पर गिरावट का दबाव और बढ़ा।
AUDUSD अमेरिकी डॉलर में व्यापक मजबूती के बीच AUDUSD एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया और लगातार दूसरे दिन गिरा। चीन की "गोल्डन वीक" की छुट्टियों से बाजार में गतिविधि कम हुई, जिससे गिरावट को और बल मिला। साथ ही, चिंता है कि देश के हालिया सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) आगे की ब्याज दर कटौतियों को रोकने में सक्षम नहीं होगा।
इस बीच, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ओंटारियो के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के बावजूद कनाडाई डॉलर (CAD) को बढ़त हासिल करने में मुश्किल हुई। अमेरिका-कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता से CAD को सहारा नहीं मिला, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार और राजनीतिक मतभेद बने रहने की आशंका बरकरार थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में व्यापार पर चर्चा के लिए वॉशिंगटन में मुलाकात की। बातचीत जारी रहने के दौरान कनाडाई अधिकारी प्रेस के सवालों के जवाब देते रहे, जिससे अनसुलझे मुद्दों को लेकर संदेह बढ़ा।
मज़बूत अमेरिकी डॉलर के बावजूद, सोना और कच्चा तेल दोनों मज़बूत बने हुए हैं। ट्रेडर्स प्रमुख मुद्राओं के अलावा अन्य मुद्राओं पर भरोसा दिखा रहे हैं। सोना, जिसे पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है और जिसे चीन से भारी खरीदारी का समर्थन मिल रहा है, लगातार तेज़ी में है। इसने लगातार तीन दिनों तक नए सर्वकालिक उच्च स्तर बनाए और हाल में यह $4,035 के करीब पहुंचा। तकनीकी कारक भी इस तेजी को समर्थन दे रहे हैं।
क्रूड ऑयल लगातार चार दिन की बढ़त के बाद भी मज़बूत बना हुआ है, जबकि निजी API इन्वेंटरी रिपोर्ट में क्रूड ऑयल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा बढ़ोतरी हुई। जारी तेजी का संबंध बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं, OPEC+ की उम्मीद से कम आपूर्ति वृद्धि और चीन द्वारा लगातार तेल का भंडार बढ़ाने से लगता है।
Bitcoin (BTC) ने लगातार छह दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया और दो सप्ताह में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। Ethereum भी दो सप्ताह में सबसे ज़्यादा गिरा और दो दिन की बढ़त पलट गई। मंगलवार देर रात दोनों क्रिप्टोकरेंसी पर आम तौर पर मज़बूत हुए अमेरिकी डॉलर और जोखिम वाली परिसंपत्तियों में आई गिरावट का असर पड़ा।
वॉल स्ट्रीट में मिले-जुले जोखिम कारकों, AI निवेश पर जारी चर्चाओं और अमेरिकी डॉलर की मज़बूती से बाज़ार पर दबाव पड़ा। दिन की शुरुआत में S&P 500 और Nasdaq के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँचने के बावजूद, दोनों सूचकांक सत्र के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे बाज़ार के लिए एक व्यस्त दिन रहने वाला है। कई अहम घटनाएं और घटनाक्रम बाज़ार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। FOMC Minutes जारी होने के साथ ही Federal Reserve के कई अधिकारियों के भाषणों पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार के शटडाउन, Trump की राजनीतिक चालों और जापान व फ्रांस के घटनाक्रमों से जुड़ी खबरें भी अहम होंगी। गाज़ा और यूक्रेन के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर भी नज़र रहेगी।
यूरोप में, ब्रिटेन की वित्तीय नीति समिति का बयान और मिनट्स, साथ ही ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड का भाषण, बाज़ार की गतिविधियों को और तेज़ करेंगे।
इन कारकों को देखते हुए, हाल ही में 2 महीनों के रेज़िस्टेंस स्तर को पार करने के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी जारी रह सकती है, जिससे प्रमुख करेंसी पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, बाजार की अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के बीच सोना, इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी को समर्थन मिल सकता है और उनकी मजबूती बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर, अमेरिकी डॉलर अन्य मुद्राओं को चुनौती दे सकता है, लेकिन सोने और शेयरों जैसी कमोडिटीज़ तथा जोखिम वाले एसेट्स भू-राजनीतिक जोखिमों, केंद्रीय बैंक की नीतियों से जुड़े संकेतों और व्यापक बाज़ार रुझान के चलते मज़बूत बने रह सकते हैं।
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