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2022 में शुरुआती लोगों के लिए निवेश की 3 बेहतरीन रणनीतियां

शुरुआती लोगों को निवेश की सबसे अच्छी रणनीति चुनना मुश्किल लग सकता है। शुरुआत में निवेश का बाज़ार बहुत बड़ा लग सकता है, क्योंकि चुनने के लिए कई एसेट्स होते हैं। अच्छी बात यह है कि शुरुआत करने के कुछ आज़माए हुए और भरोसेमंद तरीके मौजूद हैं। सही ढंग से चुनी और व्यवस्थित की गई निवेश रणनीतियां शुरुआती लोगों को भविष्य में अच्छा रिटर्न पाने में मदद कर सकती हैं। साथ ही, इनसे निवेश की प्रक्रिया में कम समय लग सकता है और ट्रेडिंग के अलावा अपनी पसंद के काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।

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आज हम शुरुआती लोगों के लिए निवेश की 3 सबसे लोकप्रिय और आज़माई हुई रणनीतियों की समीक्षा करेंगे। इनमें लंबी और छोटी, दोनों अवधि के तरीके शामिल होंगे, जो शेयरों, इंडेक्स और अन्य निवेश एसेट्स और इंस्ट्रूमेंट्स पर लागू होते हैं।

निवेश रणनीतियों के बेहतरीन प्रकारों की पहचान

निवेश की अच्छी रणनीतियां वे हैं जो लंबी या छोटी अवधि में बड़े रिटर्न का वादा करने के साथ-साथ नुकसान के जोखिम को भी कम करती हैं। इसके अलावा, बदलते बाज़ार पर तेज़ी से प्रतिक्रिया देने के लिए उन्हें सही ढंग से विकसित, कॉन्फ़िगर और ऑप्टिमाइज़ किया जाना चाहिए।

इनमें से कोई भी तरीका 100% मुनाफ़े की गारंटी नहीं देता। इतना ही नहीं, आपकी पूरी पूंजी खोने का जोखिम हमेशा रहता है। इसलिए जोखिम प्रबंधन के लिए अच्छी तरह से तय किए गए उपाय होना बेहद ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, शेयर या बॉन्ड खरीदकर अपने पास रखना, छोटी अवधि की लाभदायक निवेश रणनीति नहीं लगती। दूसरी ओर, लंबी अवधि के लिए यह सही हो सकता है।

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किसी भी सफल तरीके को अपनाने में समय लगता है। यह उम्मीद न करें कि आप तुरंत अपनी संपत्ति बढ़ा लेंगे या जल्दी अमीर हो जाएंगे। इसीलिए निवेश की बेहतरीन रणनीतियों में समय लगता है—बशर्ते आप बाज़ार में वास्तविक उम्मीदों और उसके काम करने के तरीके की स्पष्ट समझ के साथ प्रवेश करें।

तो, शुरुआती लोगों के लिए निवेश रणनीतियों के 3 सबसे अच्छे प्रकार ये हैं।

1. खरीदें और अपने पास रखें रणनीति

यह तरीका लंबी अवधि की निवेश रणनीतियों की श्रेणी में आता है, जिनमें जल्द रिटर्न का वादा नहीं किया जाता। इसके अलावा, किसी समय आपका बैलेंस नेगेटिव हो सकता है, जो बाद में भू-राजनीतिक, आर्थिक और अन्य घटनाओं के बाद फिर से बहाल हो सकता है। इस रणनीति का विचार इसके नाम से ही स्पष्ट है: आप कोई एसेट खरीदते हैं और उसे लगभग 3 या 5 साल तक होल्ड करते हैं।

फ़ायदे:

  • यह एक आज़माई हुई लंबी अवधि की निवेश रणनीति है, जिसका इस्तेमाल नए और अनुभवी, दोनों तरह के निवेशक करते हैं।
  • शुरुआती लोग ऐक्टिव ट्रेडिंग में शामिल नहीं होते। उनके पास रोज़मर्रा के कामों के लिए पर्याप्त समय रहता है।
  • कुल सफलता लंबी अवधि में कारोबार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
  • S&P 500 जैसी, निवेश के लिए बेहतरीन कंपनियों की सूची तक पहुंच।
  • कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना पड़ता, क्योंकि आपको एसेट बेचने की ज़रूरत नहीं होती।

नुकसान:

  • दूसरी स्टॉक निवेश रणनीतियों की तरह, बाज़ार में उथल-पुथल की संभावना अधिक रहती है। एसेट बेचने की इच्छा से बचने के लिए आपको अनुशासित रहना होगा। ज़्यादातर शुरुआती लोगों के लिए ट्रेडिंग प्लान का पालन करना मुश्किल होता है।
  • निवेशकों को तेज़ गिरावट के लिए तैयार रहना चाहिए। 50% तक की गिरावट संभव है और कीमत इससे भी नीचे जा सकती है। इसलिए, आपको बाज़ार की परिस्थितियों का सामना करना सीखना होगा।

2. इंडेक्स फ़ंड खरीदना

इस रणनीति में संभावित रूप से लाभदायक स्टॉक इंडेक्स ढूंढना और इंडेक्स फ़ंड खरीदना शामिल है। शुरुआती लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि उन्हें स्टॉक इंडेक्स को खुद “खोजना” नहीं पड़ेगा। शुरुआत के लिए, आप S&P 500 या Nasdaq में शामिल लोकप्रिय इंडेक्स चुन सकते हैं। इनमें कई बेहतरीन स्टॉक शामिल होते हैं, जो निवेश के अच्छे विकल्प और पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने के साधन होते हैं।

फ़ायदे:

  • यह स्टॉक निवेश की सबसे सरल रणनीतियों में से एक है। इसका तरीका आसान है और इसमें अच्छे रिटर्न की संभावना है। इसे दूसरी निवेश रणनीतियों, जैसे खरीदकर होल्ड करने की रणनीति, के साथ मिलाना अच्छा विचार है।
  • कई स्टॉक होल्ड करने के बजाय, यह आपके पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने का एक अच्छा तरीका है।
  • इस तरीके में गहराई से विश्लेषण करने की ज़रूरत नहीं होती। इसका मतलब है कम काम और अपनी निजी ज़रूरतों के लिए ज़्यादा समय।

नुकसान:

  • स्टॉक में निवेश करना हमेशा जोखिम भरा होता है, जैसे किसी भी दूसरे इंस्ट्रूमेंट में। कभी-कभी आपको मुश्किल दौर से गुज़रना पड़ सकता है और एसेट बेचने के लालच से बचना होगा।
  • अलग-अलग स्टॉक होल्ड करने पर आपको औसत रिटर्न मिलेगा, न कि सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले एसेट का रिटर्न।

3. आय के लिए निवेश

इस रणनीति में ऐसे निवेश का स्वामित्व शामिल है जिससे नकद भुगतान मिल सकता है। अक्सर इसका संबंध बॉन्ड और डिविडेंड में निवेश की रणनीतियों से होता है। मुनाफ़े को कई हिस्सों में बाँटा जाता है। इसका एक हिस्सा नकद में मिल सकता है, जिसे निवेशक अपनी इच्छानुसार खर्च कर सकते हैं। मुनाफ़े को दोबारा निवेश करने के लिए और बॉन्ड तथा शेयर खरीदे जा सकते हैं। आपकी आय का एक और हिस्सा पूंजीगत लाभ से आता है।

फ़ायदे:

  • इस रणनीति का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के फ़ंड के साथ किया जा सकता है। अलग-अलग बॉन्ड या शेयरों को ध्यान से चुनने की ज़रूरत नहीं होती।
  • आय के लिए निवेश करने पर उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है। इसके अलावा, मुनाफ़ा नकद के रूप में मिलता है, जिसे आप अपनी ज़रूरतों के लिए खर्च कर सकते हैं या दोबारा निवेश कर सकते हैं।
  • मुनाफ़ा बढ़ने की संभावना रहती है, क्योंकि भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियाँ अक्सर भुगतान बढ़ाती हैं।

नुकसान:

  • आय देने वाले शेयरों में अन्य एसेट की तुलना में जोखिम कम होता है, लेकिन वे फिर भी शेयर ही हैं। इसलिए उनकी कीमत भी गिर सकती है।
  • डिविडेंड घटकर शून्य हो सकता है। कंपनियाँ निवेशकों को बहुत कम भुगतान कर सकती हैं या बिल्कुल भुगतान नहीं कर सकतीं।
  • बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बहुत कम होता है और शायद ही कभी महँगाई से ज़्यादा होता है। इस वजह से वे कम आकर्षक हो जाते हैं।
  • इस रणनीति में निवेशकों को टैक्स देना पड़ता है।

निष्कर्ष

निवेश की इतनी सारी रणनीतियों में से सही रणनीति चुनना शुरुआती निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अपनी पूरी पूंजी निवेश करने से पहले आपको सभी जोखिमों और संभावित रिटर्न का आकलन करना चाहिए। एक अच्छा तरीका है कि आप कई तरीकों का इस्तेमाल करें और कुल नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधता रखें।

इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।