
बुधवार की शुरुआत में बाज़ार का रुख बेहतर हुआ। ज़्यादातर कमजोर डेटा और चीन व जर्मनी में आर्थिक सुस्ती की बढ़ती आशंकाओं के बीच ट्रेडर्स को प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चरम उम्मीद से पहले आने की संभावना दिख रही है। अमेरिका और चीन के संबंधों में स्थिरता की उम्मीदों से सतर्क आशावाद को और बल मिला।
जहां हल्की सकारात्मक भावना ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला, वहीं RBNZ द्वारा अक्टूबर 2021 से लगातार जारी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सिलसिले पर विराम लगाने से NZDUSD अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा। दूसरी ओर, AUDUSD ने RBA गवर्नर फिलिप लोवे की सख्त रुख वाली टिप्पणियों पर बढ़त हासिल की, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष चाल्मर की चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
जापान का PPI नरम रहने से आसान मौद्रिक नीति का बचाव करने वाले BoJ नीति निर्माताओं की बात को बल मिला है। इसके चलते USDJPY, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले G10 में सबसे अधिक बढ़त वाले करेंसी पेयर्स में आगे है।
दूसरी ओर, 10 सप्ताह का उच्च स्तर छूने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आगे बढ़त नहीं दिख रही, जबकि सोने की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। इसके अलावा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों में मिला-जुला रुख है, लेकिन ज़्यादातर नीचे हैं। वहीं, अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में हल्की बढ़त है, जो वॉल स्ट्रीट के मामूली सकारात्मक बंद के अनुरूप है।
क्रिप्टोकरेंसी में भी मामूली बढ़त है। संस्थागत फंडिंग तेज़ी की पोज़िशन को सहारा दे रही है, जबकि नियामकीय चिंताएं आशावाद पर अंकुश लगा रही हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



बाजारों के अहम अमेरिकी CPI डेटा का इंतज़ार करने के बीच ट्रेडर्स सतर्क रूप से आशावादी दिख रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि फेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जल्द थमेगा और इसके बाद दरों में कटौती होगी। न्यूज़ीलैंड के रिज़र्व बैंक (RBNZ) की निष्क्रियता और बैंक ऑफ जापान (BoJ) का बेहद आसान मौद्रिक नीति का बचाव भी इस हल्की सकारात्मक धारणा को मजबूती दे सकता है। इसके अलावा, अमेरिका-चीन संबंधों में संभावित सुधार और रूस-यूक्रेन मोर्चे पर किसी बड़ी अनहोनी का न होना भी इस धारणा के पक्ष में है। ध्यान देने वाली बात है कि RBA गवर्नर Philip Lowe की आक्रामक टिप्पणियां AUDUSD को मजबूती दे रही हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष ने अर्थव्यवस्था में तेज़ मंदी की चेतावनी दी है।
इसके अलावा, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के निराशाजनक आंकड़े और चीन व यूरोप के कुछ हिस्सों में मंदी की बढ़ती आशंकाएं ट्रेडर्स को सतर्क रख रही हैं।
दूसरी ओर, मौजूदा रुझान के मुताबिक क्रिप्टो ट्रेडर बड़े खिलाड़ियों से लगातार पूंजी प्रवाह की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, Bitcoin माइनिंग में तेज़ी के रुझान से भी उनका भरोसा बना हुआ है। बड़ी संस्थाओं की ओर से ETF के और आवेदन भी इस हल्के सकारात्मक रुझान को समर्थन दे रहे हैं।
आगे, ट्रेडर स्पष्ट दिशा के लिए अमेरिका के महँगाई आँकड़ों—खास तौर पर कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और कोर CPI—पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं। बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) का ब्याज दर संबंधी फ़ैसला और यूरोप के कुछ कम अहम आँकड़े भी नज़र रखने लायक होंगे।
हालाँकि, अमेरिका में महंगाई दर नरम रहने की व्यापक उम्मीद है, लेकिन मज़बूत आँकड़ा फ़ेड के नीति-निर्माताओं की आक्रामक टिप्पणियों की पुष्टि कर सकता है और अमेरिकी डॉलर को नुकसान से उबरने का मौका दे सकता है। ऐसा खास तौर पर तब हो सकता है, जब दिन में पहले ही यह दो महीने के निचले स्तर पर पहुँच चुका है।
दूसरी ओर, BoC द्वारा बेंचमार्क ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की घोषणा किए जाने की संभावना है, जिससे CAD को और मज़बूती मिल सकती है। हालांकि, तेल की कीमतों में हालिया गिरावट और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर में संभावित रिकवरी USDCAD में मंदी के कारोबारियों को सक्रिय कर सकती है। अगर BoC दरों को अपरिवर्तित रखकर बाज़ारों को चौंकाता है, तो इस करेंसी पेयर में लंबे समय से प्रतीक्षित उछाल देखने को मिल सकता है।
अन्य जगहों पर, जोखिम भरी मुद्राओं में धीरे-धीरे बढ़त हो सकती है, जब तक कि US महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज़्यादा सकारात्मक चौंकाने वाला नतीजा न दें।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!