
OPEC+ ने सोमवार को सप्लाई में कटौती कर बाज़ारों को चौंका दिया। इसके साथ ही, जोखिम से बचने की नई लहर ने NFP वाले सप्ताह की शुरुआत की। हालांकि, Fed के सख्त रुख पर दांव घटने और अमेरिका के मिले-जुले आंकड़ों से मंदड़ियों को कुछ राहत मिली। ऐसा तब भी हुआ, जब कच्चे तेल में मार्च 2022 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज हुई।
हालांकि, चीन और जापान के निराशाजनक आर्थिक आंकड़ों तथा ऑस्ट्रेलिया के मिले-जुले डेटा ने इस अहम सप्ताह के शुरुआती घंटों में बाज़ारों में हलचल पैदा की। इस सप्ताह US NFP के साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई केंद्रीय बैंकों के कार्यक्रम भी शामिल हैं।
अमेरिकी डॉलर मज़बूत बना हुआ है और यील्ड भी ऊँची बनी हुई हैं, जबकि S&P 500 फ़्यूचर्स वॉल स्ट्रीट की बढ़त को दोहराने में नाकाम रहे। इसके अलावा, एशिया के शेयरों में मिला-जुला रुख है, जबकि पश्चिमी बाज़ारों में ट्रेडिंग सप्ताह की शुरुआत मामूली गिरावट के साथ हुई।
सोने की कीमतों में पिछले दिन की गिरावट जारी रही, जबकि प्रमुख करेंसी पेयर्स में USDJPY सबसे ज़्यादा चढ़ा। वहीं, NZIER के RBNZ के नरम रुख वाले पूर्वानुमानों का दबाव NZDUSD पर रहा, जबकि मज़बूत तेल कीमतों से USDCAD को खास सहारा नहीं मिला।
दूसरी ओर, US Dollar में आई उछाल के बीच क्रिप्टोकरेंसी लगातार तीसरे दिन दबाव में रहीं। नियामकीय चिंताओं के कारण 2023 की दूसरी तिमाही (Q2) के निराशाजनक प्रदर्शन की आशंका ने भी दबाव बढ़ाया।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



OPEC+ ने सारी सुर्खियाँ बटोर लीं…
सोमवार की शुरुआत में OPEC+ द्वारा प्रतिदिन 1.16 मिलियन बैरल उत्पादन में अप्रत्याशित कटौती से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी। इसकी वजह यह चिंता थी कि तेल की ऊंची कीमतें महंगाई की आशंकाओं को फिर बढ़ा सकती हैं। हालांकि, फेड को लेकर सख्त रुख की आशंकाएं कम होने और हाल के मिले-जुले अमेरिकी आंकड़ों ने जोखिम से बचने के माहौल को शांत किया। ट्रेडर शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।
OPEC+ के कदमों से कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ावा मिला और अमेरिकी डॉलर Fed की कमजोर उम्मीदों के बावजूद टिक पाया। वहीं, NFP से पहले की सतर्कता ट्रेडरों को चुनौती दे रही है और कच्चे तेल से इतर बाज़ारों में बड़ी चालों को सीमित कर रही है।
इसके बावजूद, मजबूत होते USD के बीच कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई तथा न्यूज़ीलैंड डॉलर में गिरावट आई, जबकि इक्विटी पर दबाव बना रहा और शेयरों में मिला-जुला कारोबार हुआ।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की चाल और दूसरे दर्जे के PMI, अहम सप्ताह की धीमी शुरुआत के बीच ट्रेडरों की दिलचस्पी बनाए हुए हैं—अगर हम OPEC+ की उत्पादन कटौती को नज़रअंदाज़ करें।
PMI और जोखिम को प्रभावित करने वाले कारक चर्चा में
जोखिम से बचने के रुख का हालिया पुनर्मूल्यांकन और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से मिले-जुले डेटा को देखते हुए, ट्रेडर स्पष्ट संकेतों के लिए अमेरिकी PMI पर बारीकी से नज़र रख सकते हैं। महंगाई से जुड़ी चर्चाओं और बैंक-संबंधी ख़बरों पर भी नज़र रखना अहम होगा। साथ ही, FOMC की दरों में बढ़ोतरी को लेकर बाज़ार की उम्मीदों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!