
सप्ताह की शुरुआत में मामूली सकारात्मक रुख के बाद जोखिम लेने की चाह फिर कमजोर पड़ गई। गाज़ा को लेकर बढ़ते तनाव के साथ चीन के कमजोर PMI और जर्मनी के महंगाई के नरम आंकड़ों ने भी इस पर दबाव डाला। इसके अलावा, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) द्वारा JGB यील्ड की सीमा बढ़ाकर 1.0% करने से पहले की आशावादिता को भी झटका लगा।
इसके साथ, US Treasury बॉन्ड यील्ड और US Dollar में फिर से तेजी का रुझान आया, जिससे शेयरों, कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी जोखिम वाली एसेट्स पर दबाव पड़ा।
हालांकि, यूरोज़ोन में महंगाई दर नरम पड़ने और European Central Bank (ECB) की नीति में बदलाव लंबे समय तक खिंचने की आशंकाओं से यूरो के बियर्स फिर लौट आए। वहीं, G10 मुद्राओं में येन सबसे ज़्यादा गिरावट वाली मुद्राओं में शामिल रहा। इसके अलावा, जोखिम से बचने के माहौल और चीन की आर्थिक रिकवरी को लेकर नई चिंताओं से AUDUSD पर दबाव पड़ा, जो जोखिम का एक और संकेतक है। वहीं, GBPUSD पर ब्रिटेन की आर्थिक मुश्किलों का दबाव बना हुआ है।
दूसरी ओर, सोने की कीमत कई महीनों के उच्च स्तर से सप्ताह की शुरुआत में आई गिरावट को आगे बढ़ा रही है, जबकि कच्चा तेल दो हफ़्तों के निचले स्तर पर संभलने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, US स्टॉक फ़्यूचर्स में मामूली गिरावट दर्ज हुई और एशिया-प्रशांत के शेयर भी नीचे आए, जबकि वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
क्रिप्टो की बात करें तो, मांग में हालिया उछाल के कारण Ethereum की सप्लाई कम होने के बावजूद ETHUSD में तेजी नहीं आई। वहीं, Bitcoin ETF को मंज़ूरी मिलने की उम्मीदें बढ़ने के बावजूद BTCUSD में भी गिरावट आई।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिका के बाहर से आए ज़्यादातर निराशाजनक डेटा और गाज़ा से जुड़ी बढ़ती चिंताओं ने मिलकर जोखिम से बचने का रुझान और तेज़ कर दिया। इससे अमेरिकी डॉलर को फिर से बढ़त की गति हासिल करने में मदद मिली, जबकि बाज़ार के प्रतिभागी इस सप्ताह के अहम डेटा/इवेंट्स का इंतज़ार कर रहे हैं।
हालाँकि, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) के आधिकारिक गतिविधि डेटा ने तेज़ आर्थिक सुधार की उम्मीदों का समर्थन नहीं किया। अक्टूबर का मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI और नॉन-मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI, दोनों ही बाज़ार के पूर्वानुमानों और पिछले आंकड़ों से नीचे रहे।
इसके अलावा, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) ने बाज़ार की आम राय के अनुरूप फैसला लिया और मौजूदा मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किया। साथ ही, उसने आसान मौद्रिक नीति को बनाए रखने का समर्थन किया। इसके बावजूद, जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा 10-वर्षीय JGB यील्ड की सीमा 0.5% से बढ़ाकर 1.0% करने से JPY पर दबाव पड़ा और डॉलर को मज़बूती मिली। Fed को लेकर सख़्त रुख की उम्मीदों के बीच यह असर और स्पष्ट था।
सोमवार को जर्मनी के अक्टूबर के महंगाई आंकड़ों में नरमी और यूरोज़ोन के मिले-जुले GDP आंकड़ों से US डॉलर को इस ब्लॉक की तुलना में अमेरिका के अपेक्षाकृत मज़बूत बुनियादी आर्थिक आंकड़ों का फायदा मिला। US डॉलर की मज़बूती की वजह प्रमुख आंकड़ों और घटनाओं से पहले बाज़ार में कंसोलिडेशन और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच हालिया बढ़त में आई कमी भी हो सकती है।
हमास के एंटी-टैंक मिसाइलें दागने और बंधकों का इस्तेमाल करने के दावों के बावजूद, गाज़ा में इज़राइल का ज़मीनी अभियान जारी है। Reuters की खबर के मुताबिक, इज़राइल ने कहा कि उसके सैनिकों ने हमास की कैद से एक सैनिक को छुड़ाया। इज़राइल का कहना है कि 7 अक्टूबर को पकड़े गए 239 बंधकों में यह सैनिक भी शामिल था। इसलिए, आने वाले कुछ दिनों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है और इससे US डॉलर की मांग बनी रह सकती है।
आज के आर्थिक कैलेंडर में यूरोज़ोन महंगाई के शुरुआती आंकड़े, अक्टूबर का Chicago PMI और इसी महीने के लिए US CB Consumer Confidence के आंकड़े शामिल होंगे। ध्यान देने वाली बात है कि EU में महंगाई के संभावित रूप से नरम पड़ने से European Central Bank (ECB) के नरम रुख को लेकर चिंताएं बढ़ेंगी और US Dollar को हालिया रिकवरी जारी रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, US में उपभोक्ता विश्वास और गतिविधियों के मजबूत आंकड़े 2023 में Fed की एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दे सकते हैं और US Dollar को अतिरिक्त समर्थन दे सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!