
मंगलवार की व्यस्त शुरुआती घंटों में बाज़ार का रुख बेहतर हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया, चीन और यूके से जारी ज़्यादातर आर्थिक डेटा और अपडेट उम्मीद से कमज़ोर रहे। हालांकि, जापान के Q2 GDP के आंकड़े अच्छे रहे। इससे JPY मज़बूत यील्ड के बावजूद हाल के कुछ नुकसान की भरपाई कर पाया।
ध्यान देने वाली बात है कि मासिक शिखर से अमेरिकी डॉलर भी पीछे हट रहा है, जबकि UK की औसत कमाई के मज़बूत आंकड़ों से GBPUSD में सबसे ज़्यादा बढ़त आई है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि AUDUSD ने Wage Price Index के नरम आंकड़ों, RBA Minutes के निराशाजनक संकेतों और चीन के कमज़ोर आंकड़ों को नज़रअंदाज़ किया। इसकी वजह PBoC की अप्रत्याशित दर कटौती और चीनी अधिकारियों की ओर से और प्रोत्साहन देने की तैयारी है।
सोने की कीमत पाँच हफ्तों के निचले स्तर पर गिरावट से उबरने की कोशिश कर रही है, जबकि तेल की कीमत चीन की मांग बढ़ने की उम्मीद और आर्थिक सुधार की रफ़्तार धीमी पड़ने की आशंकाओं के बीच जूझ रही है।
ध्यान दें कि कई कमज़ोर मैक्रो आँकड़ों और केंद्रीय बैंक की ब्याज दर में कटौती के बाद चीनी युआन 2023 के नए उच्च स्तर पर पहुंचा।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर में गिरावट और फंड में बड़े निवेश की खबरें भी BTCUSD और ETHUSD को बढ़त दिलाने में नाकाम रहीं। इसकी वजह अमेरिकी SEC के सख्त नियमों की आशंकाएं और इक्विटी से हालिया अलगाव के कारण क्रिप्टो के कारोबार के सामने आने वाली चुनौतियां हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



जापान के Q2 GDP, RBA मिनट्स और ऑस्ट्रेलिया के Q2 वेज प्राइस इंडेक्स के शुरुआती आंकड़ों ने पहले बाज़ार में हलचल मचाई और आशावाद को हल्का बढ़ावा दिया। हालांकि, चीन के कमजोर औद्योगिक उत्पादन और रिटेल सेल्स के आंकड़ों के बाद बाज़ार की वास्तविक प्रतिक्रिया दिखी। ये आंकड़े PBoC की रेट कटौती और अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त प्रोत्साहन देकर सहारा देने की उसकी तैयारी के उलट थे। इसके अलावा, UK में रोज़गार में गिरावट और बेरोज़गारी दर में बढ़ोतरी के विपरीत औसत कमाई में ज़्यादा बढ़त ने मोमेंटम ट्रेडरों को सक्रिय रखा। आखिर में, रूस के केंद्रीय बैंक ने बाज़ार में गति बनाए रखने के लिए 350 बेसिस पॉइंट (bps) की अप्रत्याशित रेट बढ़ोतरी की घोषणा की।
कई यूरोपीय शेयर बाज़ारों में छुट्टी और अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की ऊँची यील्ड के बावजूद, कारोबारी गतिविधियों से भरा दिन अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाल रहा है और जोखिम वाले एसेट्स को सहारा दे रहा है।
आगे, जर्मनी के ZEW सेंटीमेंट के आँकड़े, US रिटेल सेल्स और कनाडा के कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से पहले जारी होंगे, जिससे ट्रेडर्स सतर्क रहेंगे। अगर आँकड़ों का रुझान केंद्रीय बैंकों के hawkish रुख को लगातार बढ़ावा देता है, तो USD Index प्रमुख 103.30 रेज़िस्टेंस से हाल की गिरावट को आगे बढ़ा सकता है। इससे इक्विटी, कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी जोखिम वाली एसेट्स को मदद मिल सकती है। हालांकि, क्रिप्टो ट्रेडर्स की अनिश्चितता BTCUSD और ETHUSD के खरीदारों को सक्रिय कर सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!