
मंगलवार की सुस्त शुरुआत में US Dollar के खिलाफ रुझान फिर लौट आया। इससे एक दिन पहले डॉलर की गिरावट कम करने की कोशिश नाकाम रही थी। Fed की नीतिगत दिशा में बदलाव की बढ़ती चिंताओं और ECB के हॉकिश रुख के प्रभावी होने की आशंका ने इसमें अहम भूमिका निभाई। इस बीच, डॉलर कमजोर Treasury यील्ड के अनुरूप चल रहा है, लेकिन US-China बयानबाज़ी से सेंटीमेंट पर पड़ रहे दबाव और जनवरी के अहम आर्थिक गतिविधि आंकड़ों से पहले सावधानी भरे माहौल को नज़रअंदाज़ कर रहा है।
USD के कमजोर होने से सोने की कीमतें 9 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जबकि अमेरिका में आपूर्ति बढ़ने की आशंकाओं के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें भी धीरे-धीरे ऊपर चढ़ीं। इससे GBPUSD जोड़ी अपने देश से आई नई नकारात्मक खबरों को नज़रअंदाज़ कर ऊपर की ओर गति फिर हासिल कर पाई, जबकि EURUSD लगातार चौथे दिन चढ़ा। USD की कमजोरी से USDJPY को सबसे ज़्यादा फायदा हुआ और जापान के मिले-जुले PMI आंकड़ों का उस पर खास असर नहीं पड़ा। वहीं, चीन में सप्ताह भर की छुट्टियों के दौरान USDCNY इस कमजोरी से फायदा उठाने से दूर रहा।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी और क्रिप्टो बाज़ार में और रिकवरी की उम्मीदों के बीच BTCUSD और ETHUSD ने पिछले हफ़्ते दर्ज कई महीनों के हाई की ओर बढ़ते हुए फिर से तेज़ी पकड़ी है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



बाज़ार का रुझान अनिश्चित बना हुआ है, फिर भी अमेरिकी डॉलर दबाव में है, क्योंकि ट्रेडर अब इस बात को लेकर ज़्यादा आश्वस्त हैं कि Fed सख्त मौद्रिक नीति से बाहर निकलने के करीब है। बाज़ार के रुझान को हाल के कमजोर अमेरिकी आँकड़ों और दूसरे केंद्रीय बैंकों की अपेक्षाकृत अधिक आक्रामक टिप्पणियों से संकेत मिले। इस बीच, बीजिंग द्वारा रूस के युद्ध को कथित समर्थन दिए जाने के कारण अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर नई नकारात्मक खबरों के बावजूद डॉलर में खास प्रतिक्रिया नहीं दिखी। इसके अलावा, अमेरिका में महँगाई की सकारात्मक उम्मीदें भी USD खरीदारों को आकर्षित करने में नाकाम रहीं।
दूसरी ओर, चीन के फिर से खुलने से जगी उम्मीदें Gold की कीमत को सहारा दे रही हैं। ECB नीति-निर्माताओं की आशावादी टिप्पणियों से EURUSD के बुल्स को भी समर्थन मिला। इसके अलावा, BoJ की आसान मौद्रिक नीति से बाहर निकलने की उम्मीदों पर खास ध्यान दिए जाने से USDJPY में USD की कमजोरी और बढ़ गई।
ध्यान दें कि सोने में तेज़ी आ रही है, जबकि कच्चा तेल भी कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के बीच ज़रूरत पड़ने पर और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने की अमेरिका की तैयारी का सामना करने की कोशिश कर रहा है। आगे, UK में रिकॉर्ड बजट घाटे और ब्रेक्ज़िट से जुड़ी नई चिंताओं को नज़रअंदाज़ करते हुए GBPUSD में भी मज़बूती बनी हुई है। इसकी वजह कमज़ोर अमेरिकी डॉलर है, और अब सबकी नज़रें UK के PMI आँकड़ों पर हैं।
क्रिप्टो की बात करें, तो FTX की गड़बड़ी के चलते BTCUSD और ETHUSD में सबसे बुरा दौर बीत जाने की राहत, अमेरिकी करेंसी की कमज़ोरी के साथ मिलकर, क्रिप्टो खरीदारों के लिए सकारात्मक रही। ऐसा तब भी हुआ, जब इंडस्ट्री की खबरें बहुत प्रभावशाली नहीं थीं।
जनवरी 2023 के गतिविधि डेटा के शुरुआती आंकड़े आज के ट्रेडिंग फ़ैसलों के लिए अहम हैं। साथ ही, ECB और BoE के नीति-निर्माताओं के भाषणों से भी ट्रेडरों की दिलचस्पी बनी रहने की संभावना है। इसके अलावा, चीन-अमेरिका के तनाव और Fed से जुड़ी अफ़वाहें बाज़ार में हलचल बढ़ा सकती हैं। सबसे अहम बात यह है कि गुरुवार को आने वाला US GDP डेटा और अगले हफ़्ते की FOMC बैठक बाज़ार की दिशा स्पष्ट करने में अहम होंगे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!