
शुक्रवार को बाज़ार का सेंटीमेंट कमजोर रहा। इसकी वजह अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन की चिंताएँ, चीन की बॉन्ड यील्ड में तेज़ गिरावट और अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव हैं।
भू-राजनीतिक जोखिम और अमेरिका के Core PCE Price Index से पहले बरती जा रही सावधानी भी जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल रही है।
Q3 GDP के सकारात्मक आंकड़ों और बेरोज़गारी भत्ते के कम दावों के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी आई। इससे 2025 में दरों में धीमी कटौती की उम्मीदों को समर्थन मिला। डॉलर की इस मजबूती से EURUSD पर दबाव पड़ा, जबकि यूके की खुदरा बिक्री के आंकड़ों से पहले GBPUSD सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
जापान के संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं के बीच USDJPY में बढ़त आई है, जबकि चीन से जुड़ी चिंताओं और कमोडिटी की कमज़ोर कीमतों के कारण ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर दबाव में हैं।
सोने में तेजी की रफ्तार नहीं; कच्चे तेल में गिरावट जारी, जबकि शेयरों में कमजोरी रही। ट्रंप से जुड़ी उम्मीदों पर और स्पष्टता का इंतज़ार करते हुए ट्रेडर्स के बीच क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट जारी रही।
मज़बूत अमेरिकी डॉलर, यूरोपीय संघ के कमज़ोर आंकड़ों और जर्मनी व फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल के दबाव में EURUSD अपने साल के निचले स्तर के करीब बना हुआ है। ECB का नरम रुख़ गिरावट के जोखिम को बढ़ाता है, हालांकि बाज़ार में कम गतिविधि से आगे की गिरावट सीमित है।
बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के नरम रुख के साथ ब्याज दरें स्थिर रखने, ब्रिटेन के कमज़ोर आर्थिक आंकड़ों और नवंबर की खुदरा बिक्री से पहले सतर्कता के चलते GBPUSD मई के बाद के नए निचले स्तर पर पहुंच गया है।
जापान की मुद्रा हस्तक्षेप संबंधी चर्चाओं और महंगाई के सकारात्मक आंकड़ों से इस जोड़ी पर दबाव पड़ा, जिसके चलते USDJPY पांच महीने के उच्च स्तर से नीचे आया और लगातार दो दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया।
चीन की अर्थव्यवस्था, व्यापार तनाव और ताइवान से जुड़े भू-राजनीतिक मुद्दों को लेकर चिंताओं से ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर पर दबाव पड़ा है। इस वजह से AUDUSD और NZDUSD में आई तेजी पलट गई। तेल की कीमतों में नरमी और बैंक ऑफ़ कनाडा की नरम रुख़ अपनाने की आशंकाओं के चलते USDCAD में तेजी आई और गुरुवार की गिरावट पलट गई। कनाडा में जारी राजनीतिक उथल-पुथल ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।
सोने को हल्का समर्थन मिल रहा है, लेकिन यह रफ्तार पकड़ने में संघर्ष कर रहा है। मज़बूत अमेरिकी डॉलर, फेड से सख्त नीति की उम्मीदें और चीन से जुड़ी चिंताएं इस पर दबाव डाल रही हैं।



चीन में मांग धीमी पड़ने की आशंकाओं, OPEC+ के बढ़े हुए उत्पादन और रूसी तेल निर्यात पर नियंत्रण पाने में G7 की नाकामी के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार पांचवें दिन गिर गईं।
Bitcoin (BTCUSD) लगातार तीसरे दिन गिरकर तीन हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया, जबकि Ethereum (ETHUSD) में गिरावट जारी रही। फ़ेड के सख़्त रुख की चिंताओं और क्रिप्टो सेक्टर से बड़ी सकारात्मक खबरों की कमी के कारण ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोज़िशन लिक्विडेट कर रहे हैं।
भारी वोलैटिलिटी वाले एक हफ़्ते के बाद, शुक्रवार की ट्रेडिंग सुस्त रह सकती है, बशर्ते आने वाले डेटा या घटनाओं से कोई चौंकाने वाली बात सामने न आए। अहम आंकड़ों में नवंबर की UK रिटेल सेल्स, BoE का क्वार्टरली बुलेटिन और दिसंबर का यूरोज़ोन कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस शामिल हैं, जो मोमेंटम ट्रेडर्स को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, सबकी नज़र US Core PCE Price Index पर होगी, जो महंगाई का वह पैमाना है जिसे Fed सबसे अधिक महत्व देता है।
UK और EU के आंकड़े GBPUSD और EURUSD में हाल की गिरावट की भरपाई शायद न कर पाएं। वहीं, US के महंगाई के आंकड़े US Dollar की बढ़त को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, खासकर तब जब Fed ने 2025 में ब्याज दरों में धीमी कटौती के संकेत दिए हैं। जब तक सोना $2,613-20 के रेज़िस्टेंस से नीचे रहता है, तब तक उस पर दबाव बना रह सकता है।
इसके अलावा, USDJPY में तेजी जारी रह सकती है, जबकि कच्चे तेल, एंटीपोडियन मुद्राओं और क्रिप्टोकरेंसी में रिकवरी की गुंजाइश सीमित है, जब तक कि अमेरिकी डॉलर कमजोर न हो। फेड की सख्त नीति की उम्मीदों और भू-राजनीतिक चिंताओं के चलते इक्विटी में सप्ताह का अंत गिरावट के साथ होने की संभावना है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!