
U.S. के राष्ट्रपति Donald Trump की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में व्यापार शुल्क से लेकर U.S. DOGE की सरकारी दक्षता पहल तक कई मुद्दों पर बात हुई। महीने के अंत में बाज़ारों में समेकन के बीच इससे बाज़ार में बेचैनी बढ़ी। इसके बाद ट्रेडर्स ने U.S. के मिले-जुले आँकड़ों को काफी हद तक नज़रअंदाज़ किया और Atlanta Fed के अध्यक्ष Raphael Bostic की सख़्त रुख वाली टिप्पणियों पर ध्यान दिया, जिससे U.S. Dollar Index (DXY) को उबरने में मदद मिली। डॉलर की रिकवरी के चलते EURUSD, GBPUSD, AUDUSD और NZDUSD में बिकवाली हुई। यूरोप, UK, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड से आई निराशाजनक ख़बरों ने भी इन पर दबाव डाला। हालांकि, USDJPY 19 हफ़्तों के निचले स्तर के करीब रहा, जबकि कच्चे तेल और सोने में बिकवाली से USDCAD को समर्थन मिला और क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव पड़ा। इसके अलावा, शेयर बाज़ारों में गिरावट आई और बॉन्ड बाज़ारों में सतर्कता बनी रही, ख़ासकर जापान के बाहर।
अमेरिका-यूक्रेन समझौते का पूरा टेक्स्ट जारी होने के बावजूद EURUSD के खरीदारों को बढ़ावा नहीं मिला। जर्मनी के कमज़ोर सेंटीमेंट डेटा और यूरोपीय ऑटो व सामान पर 25% टैरिफ़ लगाने की ट्रंप की चेतावनी से इस करेंसी पेयर पर दबाव पड़ा। EU की जवाबी कार्रवाई की संभावना और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का डोविश रुख भी गिरावट के दबाव को बढ़ाते रहे, जिससे एक महीने के उच्च स्तर से EURUSD की गिरावट और बढ़ गई।
इस बीच, Confederation of British Industry (CBI) के तिमाही सर्वेक्षण में अगस्त 2020 के बाद से सेवाओं में सबसे तेज गिरावट दिखाई गई। इसके साथ ही Bank of England (BoE) की अधिकारी Swati Dhingra की टिप्पणियों के बाद GBPUSD 10 सप्ताह के उच्च स्तर से पलट गया और उसकी लगातार दो दिन की बढ़त थम गई।
अमेरिकी डॉलर में आई रिकवरी से USDJPY की गिरावट की रफ़्तार धीमी हुई है। इससे यह जोड़ी अक्टूबर 2024 की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर लगातार दूसरे दिन हल्की खरीदारी के साथ बनी हुई है। हालांकि, जापान के उप वित्त मंत्री अत्सुशी मिमुरा के बयान के मुताबिक, बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी को लेकर चिंताएं इस जोड़ी की रिकवरी को चुनौती दे रही हैं। मिमुरा की टिप्पणियों के बाद जापान के बाज़ार में हस्तक्षेप की आशंकाएं कम हुई हैं, लेकिन BoJ के सख़्त रुख वाले अधिकारी बाज़ार की अनिश्चितता पर ध्यान दे रहे हैं। इससे खरीदारी पर दबाव पड़ रहा है, खासकर गुरुवार और शुक्रवार को आने वाले जापान और अमेरिका के अहम महंगाई आंकड़ों से पहले।
AUDUSD और NZDUSD गुरुवार की शुरुआत में लगातार पाँचवें दिन गिरे, जबकि USDCAD लगातार पाँचवें दिन बढ़त पर रहा। ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कनाडा की कमोडिटी से जुड़ी करेंसी, जिन्हें एंटिपोडियन कहा जाता है, अमेरिका, चीन और एशिया-प्रशांत देशों के बीच व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव की चिंताओं के चलते चीन के प्रोत्साहन उपायों को काफी हद तक नज़रअंदाज़ कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तीसरी तिमाही के कमजोर निजी पूंजीगत खर्च और Reserve Bank of Australia के डिप्टी गवर्नर Andrew Hauser की सतर्क टिप्पणियों से AUDUSD पर गिरावट का दबाव बढ़ा। इस बीच, न्यूज़ीलैंड के कारोबारी भरोसे के सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद NZDUSD, AUDUSD की चाल के साथ रहा। इसके अलावा, USDCAD मजबूत बना हुआ है और दो सप्ताह से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसे अमेरिका-कनाडा के तनाव, कनाडा के कमजोर आंकड़ों, Bank of Canada (BoC) के नरम रुख और कच्चे तेल की कम कीमतों से समर्थन मिला है। कच्चा तेल कनाडा का एक प्रमुख निर्यात है।



बाज़ार की अनिश्चितता से सोने की खरीदारी नहीं बढ़ी है। महीने के अंत में पोज़िशन में बदलाव, मज़बूत अमेरिकी डॉलर और तकनीकी कारकों के चलते ट्रेडर्स $2,900 के पास सात सप्ताह पुरानी ऊपर जाती सपोर्ट लाइन की ओर बढ़ रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि विक्रेता 2024 के अंत के करीब $2,790 के शिखर को निशाना बना सकते हैं। इसकी वजह चीन की सोने की मांग में संभावित ठहराव और फेड के सख्त रुख की चिंताएं हैं। हालांकि, सोने की सेफ़-हेवन अपील के चलते सतर्कता बनी हुई है।
अमेरिका में क्रूड ऑयल के भंडार में अप्रत्याशित गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान से सप्लाई घटने की आशंकाओं के बावजूद, क्रूड ऑयल 11 हफ्तों के निचले स्तर पर संघर्ष कर रहा है। इस पर दबाव की वजह ट्रंप के समर्थन से बढ़ती सप्लाई, प्रमुख खरीदारों की घटती मांग और OPEC+ की ओर से सप्लाई बढ़ाए जाने की चिंताएं लगती हैं।
जोखिम से बचने की व्यापक प्रवृत्ति और Bybyte टोकन की $1.5 ट्रिलियन की हैकिंग ने हाल के दिनों में प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को नीचे खींचा है। इसके बावजूद, चार और तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) कई दिनों के निचले स्तरों से उबर रहे हैं। यह खबर लिखे जाने तक बाज़ार में महीने के अंत का समेकन दिखा रहा था।
हाल के दिनों में जोखिम से जुड़ी खबरों ने अमेरिकी डॉलर को उबरने में मदद की, लेकिन गुरुवार का आर्थिक कैलेंडर डेटा और घटनाओं से भरा है, जिससे तेज़ी के मोमेंटम पर ट्रेड करने वाले सतर्क रह सकते हैं। प्रमुख रिलीज़ में स्विट्ज़रलैंड का Q4 GDP, फ़रवरी का यूरोज़ोन कंज़्यूमर कॉन्फ़िडेंस और अमेरिकी व्यापार टैरिफ़ व भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे कारक शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका के साप्ताहिक बेरोज़गारी दावे, Q4 GDP के संशोधित आंकड़े, जनवरी के टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर और Q4 का व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) भी बारीकी से देखा जाएगा।
महीने के अंत में US Dollar की शॉर्ट-कवरिंग को निर्धारित आर्थिक आंकड़ों और जोखिम से बचने वाले माहौल से मजबूती मिल सकती है। इससे प्रमुख करेंसीज़, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा कमोडिटीज़ पर और दबाव पड़ सकता है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान (BoJ) का सख्त रुख और शुक्रवार को जापान के महंगाई आंकड़ों तथा फेड के पसंदीदा महंगाई माप, US Core PCE Price Index, से पहले सतर्कता USDJPY की रिकवरी को चुनौती दे सकती है।
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