
फेड के फैसले से पहले आमतौर पर रहने वाली सुस्ती को यूरोप, चीन और भारत की छुट्टियों से और सहारा मिला, जिससे बुधवार की शुरुआत में मई का पहला कारोबारी दिन धीमा रहा। इस बीच, ट्रेडर्स ने फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति घोषणाओं से पहले प्रमुख आंकड़ों या घटनाओं की कमी को भी इसकी वजह माना।
इसके बाद, चार महीने की बढ़त दर्ज करने के बाद US Dollar Index (DXY) दो हफ़्तों के उच्च स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, कमोडिटी, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी मुद्राओं और इक्विटी तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसी अन्य जोखिम वाली एसेट्स पर दबाव बना हुआ है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों के सख़्त मौद्रिक रुख वाले बयान और Q1 2024 की उम्मीद से बेहतर GDP भी EURUSD को बढ़त दिलाने में नाकाम रहे। वहीं, GBPUSD ने भी बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के नीति-निर्माता की समय से पहले ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को ख़ारिज करने वाली टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इसके अलावा, जापान के पर्दे के पीछे से येन (JPY) का बचाव करने के बावजूद USDJPY कई वर्षों के उच्च स्तर के आसपास मजबूत बना हुआ है। वहीं, USDCAD पर फरवरी की निराशाजनक GDP और कनाडा के मुख्य निर्यात, तेल की कमजोर कीमतों का दबाव है।
अल्पकालिक अहम सपोर्ट टूटने के बाद गोल्ड की कीमत एक महीने के निचले स्तर पर बनी हुई है। वहीं, कच्चे तेल की तीन महीने से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया है और खबर लिखे जाने तक इसकी कीमतें निचले स्तरों पर बनी हुई थीं।
दूसरी ओर, BTCUSD और ETHUSD दोनों में अप्रैल में जून 2022 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज हुई। स्पॉट ETF की मंज़ूरी को लेकर बाज़ार की उम्मीदों और माइनिंग फ़ीस में गिरावट का फिर से आकलन होने के बीच, दोनों अब तक कमज़ोर कारोबार कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मंगलवार को अप्रैल का Chicago Purchasing Managers’ Index गिरकर नवंबर 2022 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया और 37.9 पर रहा। वहीं, टेक्सास के सर्विस सेक्टर का आउटलुक उस महीने गिरकर -10.6 पर आ गया, जबकि इससे पहले यह 5.5 था। इसके अलावा, अप्रैल में US CB Consumer Confidence अप्रत्याशित रूप से गिरकर 38 महीनों के निचले स्तर 97.0 पर पहुंच गया।
हालांकि, 2024 की पहली तिमाही (Q1) में अमेरिका का Employment Cost Index एक साल के उच्च स्तर पर पहुंचा। यह तिमाही-दर-तिमाही 1.2% रहा, जबकि 1.0% की उम्मीद थी और पिछला आंकड़ा 0.9% था। इससे US Federal Reserve (Fed) के प्रति सख्त रुख की धारणा मजबूत हुई और US Dollar Index (DXY) चार महीने की बढ़त दर्ज करके अप्रैल का अंत मजबूती के साथ कर सका।
अमेरिका में रोज़गार के मज़बूत संकेतों से डॉलर को समर्थन मिला, जबकि अन्य मुद्राएँ और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर पिछले दिन फिसल गए। इनमें सोने, कच्चे तेल और ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड तथा कनाडा के डॉलर की कीमतों ने खासा ध्यान खींचा।
इसके अलावा, न्यूज़ीलैंड की Q1 2024 बेरोज़गारी दर में बढ़ोतरी और रोज़गार में निराशाजनक बदलाव के साथ-साथ Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) के डिप्टी गवर्नर Christian Hawkesby की निराशावादी टिप्पणियों ने बुधवार की शुरुआत में NZDUSD की कीमतों पर दबाव डाला। अपने हालिया भाषण में नीति निर्माता ने महँगाई की चुनौतियों और ऊँची ब्याज दरों के रोज़गार बाज़ार पर पड़ने वाले नकारात्मक असर का ज़िक्र किया।
इसी तरह, मार्च के ऑस्ट्रेलिया AiG PMI और अप्रैल के Judo Bank Manufacturing PMI के कमज़ोर आंकड़ों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति व्यापक नकारात्मक रुझान को और बढ़ाया, जिससे AUDUSD की कीमतों पर दबाव पड़ा। हालांकि, चीन की छुट्टी के कारण एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र में बाज़ार की चाल सीमित रही।
ट्रेडर्स को उम्मीद है कि बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) और अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) की मौद्रिक नीतियों के बीच अंतर और बढ़ेगा, जिससे USDJPY मज़बूत बना हुआ है। गौर करने वाली बात है कि BoJ की दरों में बढ़ोतरी और येन के 34 साल के निचले स्तर पर गिरने के बाद जापानी नीति-निर्माताओं के मौखिक हस्तक्षेप से भी USDJPY के खरीदारों पर दबाव नहीं पड़ा। वहीं, रॉयटर्स ने सान्केई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जापान विदेशी मुनाफ़े को येन में बदलने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट देने के उपाय लागू कर सकता है। इन्हें गर्मियों में तैयार की जाने वाली सरकार की वार्षिक मध्य-वर्षीय नीतिगत रूपरेखा में भी शामिल किया जा सकता है।
कच्चे तेल की बात करें तो, पिछले दिन तेल के भंडार के निजी सर्वेक्षण—यानी API Crude Oil stock report—में साप्ताहिक भंडार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दिखने के बाद, ब्लैक गोल्ड में दो हफ़्तों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के निराशाजनक महंगाई व गतिविधि आँकड़ों के बीच मांग कमज़ोर पड़ने की आशंकाओं ने भी ऊर्जा की कीमतों पर दबाव डाला।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती और पांच हफ्ते पुरानी बढ़ती सपोर्ट लाइन के तकनीकी टूटने के चलते सोने की कीमत में भी भारी गिरावट आई। अब $2,330 के आसपास यह लाइन तत्काल रेजिस्टेंस बन गई है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के एक अधिकारी की सख्त टिप्पणियों के बावजूद EURUSD में भी अमेरिकी डॉलर की मजबूती देखने को मिली। इससे यूरो पेयर में जून में ECB की ब्याज दरों में कटौती को लेकर बाज़ार का पक्का भरोसा सही साबित हुआ। साथ ही, यूरोपीय संघ का डेटा भी मिला-जुला रहा। मंगलवार को यूरोज़ोन की पहली तिमाही के GDP के शुरुआती आंकड़े अनुमान से बेहतर आए, लेकिन अप्रैल के महंगाई संकेत कमजोर रहे और उन्होंने प्रमुख करेंसी पेयर की बढ़त को रोक दिया। इस बीच, ECB गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रॉबर्ट होल्ज़मैन ने मंगलवार को अपने भाषण में जून के बाद ब्याज दरों में कटौती रोकने की वकालत की। उन्होंने यह भी कहा, “जुलाई में हमारे पास कोई नई जानकारी नहीं होगी, इसलिए मैं आगे कोई कदम उठाने से बचूँगा।”
इसी तरह, GBPUSD में भी 1.0% से ज़्यादा की दैनिक गिरावट आई और अप्रैल का अंत नकारात्मक रहा, जबकि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के अधिकारी ब्याज दरों में कटौती को टाल रहे हैं। इसकी वजह ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति को लेकर बढ़ते संदेह हो सकते हैं।
आगे, Fed से पहले की चिंता, यूरोप में छुट्टियों और अन्य जगहों पर हल्के आर्थिक कैलेंडर के साथ मिलकर, नॉर्थ अमेरिकन ट्रेडिंग सेशन से पहले बाजार की हलचल सीमित कर सकती है। इससे ट्रेडर्स को पिछले दिन की चाल को समेकित करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक को लेकर व्यापक रूप से हॉकिश रुख और दरों में देरी से होने वाली कटौती के संकेत मिलने की उम्मीद डॉलर के खरीदारों को सकारात्मक बनाए रख सकती है।
अगर FOMC का बयान और Fed चेयर पॉवेल की प्रेस कॉन्फ़्रेंस बाज़ार की ऊंची उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो अमेरिकी डॉलर की हालिया तेजी आगे बढ़ेगी और कमोडिटी की कीमतों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर पर दबाव डालेगी। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अपडेट में आक्रामक रुख की पुष्टि न होने पर डॉलर पिछले दिन की बढ़त पलटने की ओर बढ़ सकता है।
फेड के अपडेट के अलावा, साफ़ दिशा पाने के लिए US ADP Employment Change, ISM Manufacturing PMI और JOLTS Job Openings के साथ-साथ साप्ताहिक आधिकारिक तेल इन्वेंटरी डेटा पर भी नज़र रखना अहम होगा।
कुल मिलाकर, बुधवार की शाम उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है, इसलिए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे नई पोज़िशन लेते समय पर्याप्त सावधानी बरतें।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!