
सोमवार की शुरुआत में बाज़ार में सतर्क आशावाद बना हुआ है, हालांकि ईस्टर सोमवार की छुट्टी के कारण पश्चिमी बाज़ारों के ज़्यादातर ट्रेडर डेस्क पर नहीं हैं। इसकी वजह चीन के सकारात्मक आंकड़े और जापान से मिले मिले-जुले अपडेट हो सकते हैं।
इन चालों के बीच, शुक्रवार के मजबूत महंगाई आंकड़ों और Fed चेयर Jerome Powell के सख्त रुख वाले बयानों से फायदा उठाते हुए अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों के जल्द ब्याज दरों में कटौती के संकेत देने वाले बयानों से भी डॉलर के खरीदारों को समर्थन मिल रहा है।
EURUSD छह सप्ताह के निचले स्तर पर संभलने की कोशिश कर रहा है, जबकि GBPUSD में पिछले सप्ताह 200-SMA से आई उछाल का असर फीका पड़ रहा है। इसके अलावा, पिछले सप्ताह 1990 के बाद के उच्चतम स्तर से पलटने के बाद USDJPY छोटी अवधि की ट्रेडिंग रेंज में उतार-चढ़ाव कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में छुट्टियों के बावजूद AUDUSD और NZDUSD ने पिछले सप्ताह के कुछ नुकसान की भरपाई की। चीन के PMI आंकड़े कमोडिटी और ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं के लिए अनुकूल रहे।
चीन के आंकड़ों के अलावा, सप्लाई में कमी की आशंका से क्रूड ऑयल की कीमत में मामूली बढ़त आई, जबकि गोल्ड की कीमत करीब $2,265 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
दूसरी ओर, BTCUSD और ETHUSD दोनों दिन के दौरान करीब 2.0% गिरे और कई महीनों के उच्च स्तर के आसपास सप्ताहांत की बढ़त गंवा दी। क्रिप्टोकरेंसी में इस गिरावट की वजह अप्रैल 2024 में होने वाली Bitcoin halving से पहले बाज़ार के कंसोलिडेशन मोड में जाने से जुड़ी हो सकती है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



ईस्टर की छुट्टियों के चलते बाजार में सुस्ती के बावजूद अमेरिकी डॉलर पर तेज़ी के पक्षधर नज़र बनाए हुए हैं। इसी दौरान, 3 हफ़्तों की तेजी के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 7 हफ़्तों के उच्चतम स्तर के आसपास उतार-चढ़ाव कर रहा है। इसकी वजह यह चिंता है कि महंगाई का दबाव ऊंचा बने रहने के कारण US Federal Reserve (Fed) दरों में कटौती करने की जल्दी नहीं करेगा। ध्यान देने वाली बात है कि शुक्रवार का US Core PCE Price Index, जिसे Fed महंगाई का अपना पसंदीदा पैमाना मानता है, बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहा और इसने कीमतों के दबाव में मामूली कमी का संकेत दिया। आंकड़े जारी होने के बाद Fed चेयरमैन Jerome Powell ने कहा कि PCE रिपोर्ट “काफी हद तक हमारी उम्मीदों के अनुरूप” है। पिछले हफ़्ते की शुरुआत में US Durable Goods Orders और GDP के आंकड़ों ने भी अमेरिकी डॉलर को मज़बूत बने रहने में मदद की।
अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहा, फिर भी कमोडिटी खरीदार पीछे नहीं हटे, क्योंकि ट्रेडर्स को भरोसा था कि प्रमुख केंद्रीय बैंक देर-सवेर ब्याज दरें घटाएंगे। इसके अलावा, मार्च के लिए चीन के आधिकारिक मैन्युफ़ैक्चरिंग और नॉन-मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे, जबकि Caixin मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI भी 13 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे गोल्ड और क्रूड ऑयल की कीमतों को और मज़बूती मिली।
इसके अलावा, OPEC+ द्वारा उत्पादन में कटौती को लंबे समय तक जारी रखने की मांग और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से ऊर्जा की कीमतों को सहारा मिल रहा है। यह तब भी जारी है, जब प्रमुख पश्चिमी बाज़ारों में लगातार दूसरे दिन स्पॉट ट्रेडिंग बंद है।
चीन के आंकड़ों के अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा चुने जाने की उम्मीदें भी भारत के बुल्स के साथ-साथ XAUUSD खरीदारों के पक्ष में हैं। ध्यान देने वाली बात है कि भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदारों में शामिल हैं। इसलिए, इन दोनों देशों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत सोने की कीमतों को बढ़ावा देते हैं।
दूसरी ओर, USDJPY को मार्च के मध्य में हुई ब्याज दर वृद्धि से खास बढ़ावा नहीं मिला, क्योंकि जापान के ज़्यादातर नीति-निर्माताओं को आगे और दरें बढ़ने की संभावना पर भरोसा नहीं है। इसके अलावा, टोक्यो से गतिविधि और महंगाई के मिले-जुले संकेतों ने भी येन पेयर की बढ़त को सहारा दिया।
हालांकि, अमेरिकी डॉलर के दबाव और इस चिंता के चलते EURUSD पर दबाव है कि ECB, Fed से पहले ब्याज दरों में कटौती करेगा। इसी तरह, ब्रिटेन की आर्थिक मुश्किलों के बीच GBPUSD भी दबाव में बना हुआ है।
दूसरी ओर, क्रिप्टो ट्रेडर्स निकट अवधि के लिए मंदी का रुख बनाए हुए हैं। बाज़ार के प्रतिभागी Bitcoin halving की तैयारी कर रहे हैं, जिससे BTCUSD और ETHUSD की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है।
पश्चिमी बाजारों के प्रमुख हिस्सों में ईस्टर सोमवार की छुट्टी के कारण ट्रेडर्स को वोलैटिलिटी कम रहने की संभावना है। इसलिए उन्हें सावधान रहना चाहिए, क्योंकि कमजोर उत्प्रेरक पर भी कीमतों में अचानक तेज़ उछाल देखने को मिल सकता है।
सोमवार को किसी बड़ी हलचल की संभावना कम है, लेकिन सप्ताह का बाकी हिस्सा दिलचस्प रहेगा। इस दौरान प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मार्च PMI के अंतिम आंकड़े, US ISM PMI और मार्च के रोज़गार आंकड़े जारी होंगे।
इसलिए सोमवार को ट्रेडर्स को बाज़ार में गति की कमी दिख सकती है, लेकिन अगले कुछ दिन अहम रहने की संभावना है। वहीं, अगर अमेरिकी डॉलर की तेज़ी जारी रहती है, तो कमोडिटी के खरीदारों को कीमतों की ऊपर की गति में ठहराव देखने को मिल सकता है। हाल के मज़बूत अमेरिकी आंकड़ों और फ़ेड के सख़्त संकेतों के बाद यह संभावना और बढ़ जाती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!