
गुरुवार की शुरुआत में बाज़ार में सतर्क आशावाद दिखा। अमेरिकी नीति-निर्माताओं ने मौद्रिक नीति में बदलाव की ज़रूरत के संकेत अप्रत्यक्ष रूप से दिए, हालांकि ब्याज दरों में कटौती में देरी की पहले से ही व्यापक उम्मीद थी। चीन से आई खबरों और अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों के कमज़ोर रहने की आशंकाओं ने भी ट्रेडर्स को उम्मीद बनाए रखने में मदद की।
इन उतार-चढ़ावों के बीच अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जिससे Antipodean करेंसी और कमोडिटीज़ पिछले नुकसान की भरपाई कर पा रहे हैं।
इनमें USDJPY को सबसे ज़्यादा फ़ायदा अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से मिल रहा है। इसकी वजह Bank of Japan (BoJ) के सख़्त रुख को लेकर चिंताएँ और जापान से मिले मज़बूत महंगाई संकेत हैं। हालांकि, यूरोज़ोन और UK से इस हफ़्ते मिले मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के कारण EURUSD और GBPUSD की कीमतों को स्पष्ट दिशा नहीं मिल रही है।
दूसरी ओर, गोल्ड में मामूली बढ़त दर्ज हुई और उसने 100-SMA से पिछले दिन की उछाल को बनाए रखा। वहीं, आपूर्ति बढ़ने और ऊर्जा की मांग घटने की आशंका के बीच क्रूड ऑयल पर दबाव बना हुआ है।
वॉल स्ट्रीट सकारात्मक स्तर पर बंद हुआ, जिससे एशिया-पैसिफ़िक के शेयरों में मामूली बढ़त आई। इसके साथ ही, US स्टॉक फ़्यूचर्स और UK तथा यूरोप के शेयरों में खरीदारी का हल्का रुझान बना हुआ है।
क्रिप्टो ट्रेडर्स के बीच आशावाद के चलते BTCUSD दिसंबर 2021 के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंचा, जबकि ETHUSD भी मई 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर उछला।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी महंगाई के आंकड़े जारी होने के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला, लेकिन बाद में उसने अपनी बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया। अमेरिकी डॉलर की इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहों में से एक अमेरिकी वित्त मंत्री Janet Yellen की टिप्पणी हो सकती है। नीति निर्माता ने कहा, “CPI में मामूली उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना एक बहुत बड़ी गलती है।” उनकी टिप्पणी से परोक्ष रूप से फेड के आक्रामक रुख को लेकर चिंताएं कम हुईं, जो 2024 में ब्याज दरों में कटौती न होने का संकेत दे रही थीं।
इसके अलावा, Politico की खबर ने भी अमेरिकी डॉलर के बुल्स को चुनौती दी। खबर के मुताबिक, मजबूत अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े जारी होने के तुरंत बाद Fed चेयर Jerome Powell ने House Financial Services Committee के डेमोक्रेट्स से मुलाकात की। खबर में CPI और Core CPI में आई तेज़ी की विश्वसनीयता, साथ ही उसके बाद अमेरिकी डॉलर में आई तेजी पर सवाल उठाए गए। Powell ने संकेत दिया था कि आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप थे।
इसी क्रम में, Federal Reserve Bank of Chicago के अध्यक्ष Austan Goolsbee ने कहा कि महंगाई थोड़ी अधिक रहने पर भी यह तय राह के अनुरूप होगी। इससे जून में ब्याज दरों में कटौती की बाज़ार की उम्मीद को समर्थन मिलता है और US Dollar में तेज़ी की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स को चुनौती मिलती है।
वहीं, चीनी मीडिया ने छुट्टियों के दौरान यातायात में 14% की बढ़ोतरी का स्वागत किया और इसे सकारात्मक आर्थिक संकेत बताया। इससे बाज़ार को लेकर सकारात्मक रुझान बना, जबकि अमेरिकी डॉलर जैसी जोखिम भरी संपत्तियों पर दबाव पड़ा।
वहीं, फेडरल रिज़र्व के पर्यवेक्षण उपाध्यक्ष Michael Barr ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती शुरू करने से पहले Fed को लगातार अच्छे आर्थिक आंकड़े देखने होंगे। नीति-निर्माता ने यह भी कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि Fed “सही रास्ते” पर है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि अर्थव्यवस्था की सॉफ्ट लैंडिंग होगी।
इस बीच, भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत यील्ड ने अमेरिकी डॉलर की चाल पर दबाव डाला। इज़राइल और मिस्र के बीच तनाव तब बढ़ गया जब लेबनान ने इज़राइल की ओर रॉकेट दागे। इसके जवाब में, इज़राइल बेरूत पर हमलों की तैयारी कर रहा है और काहिरा के साथ शांति वार्ता रोक रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष माइक टर्नर ने "अस्थिरता पैदा करने वाली विदेशी सैन्य क्षमता" को लेकर चेतावनी दी और कांग्रेस के सभी सदस्यों को गोपनीय खुफिया जानकारी जारी की। इससे अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों से पैदा होने वाली चिंताएं सामने आईं और उस आशावाद को झटका लगा जिसने पहले अमेरिकी डॉलर के बुल्स को चुनौती दी थी।
दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की आसान मौद्रिक नीति से जल्द बाहर निकलने की चर्चाओं के बीच USDJPY जापान के अप्रत्याशित GDP संकुचन को नज़रअंदाज़ कर रहा है। वहीं, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BOE) के गवर्नर Andrew Bailey आसान मौद्रिक नीतियों के पक्ष में हैं, जबकि GBPUSD यूके के मिले-जुले आंकड़ों के अनुरूप चाल नहीं दिखा रहा।
वहीं, तीन महीनों में अमेरिकी साप्ताहिक इन्वेंटरी में सबसे बड़ी बढ़ोतरी के साथ सऊदी अरब की ओर से तेल की अधिक सप्लाई के संकेत देने वाली टिप्पणियां भी क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव डाल रही हैं। इस बीच, गोल्ड प्राइस पिछले दिन 100-SMA से हुई रिकवरी को बनाए हुए है।
आगे US Retail Sales, साप्ताहिक Jobless Claims और New York तथा Philadelphia के क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स पर नज़र रहेगी। इनमें US Retail Sales पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, तो US Dollar के विक्रेताओं को बढ़त मिल सकती है। हालांकि, आर्थिक गतिविधि के संकेतकों और Jobless Claims के मजबूत आंकड़े डॉलर के मंदड़ियों को चुनौती दे सकते हैं। इसलिए, US Dollar में गिरावट की संभावना फिलहाल कम दिखती है। ऐसे में ट्रेडर्स को सुरक्षित निवेश माने जाने वाली परिसंपत्तियों में अपनी लॉन्ग पोज़िशन बनाए रखनी चाहिए।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!