
मध्य पूर्व से जुड़े बड़े जोखिमों की कमी और अमेरिका के बढ़ते कर्ज़ स्तर को लेकर नई चिंताओं ने पिछले दिन अमेरिकी डॉलर को चुनौती दी और हाल के दिनों में भी उस पर दबाव डाला। इसके बावजूद, ट्रेडर्स ने फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) के अधिकारियों की उन आक्रामक टिप्पणियों को नज़रअंदाज़ किया, जिनमें ब्याज दरों में कटौती में देरी का संकेत था। वहीं, मंगलवार को यील्ड में गिरावट ने अमेरिकी डॉलर के लिए एक और चुनौती पेश की।
अमेरिकी डॉलर की गिरावट और न्यूज़ीलैंड के मज़बूत रोज़गार आंकड़ों ने G10 करेंसी पेयर्स में NZDUSD को सबसे ज़्यादा बढ़त दी। हालांकि, चीन को लेकर चिंताओं ने कमोडिटी खरीदारों पर दबाव डाला। इसके चलते, $2,020 के अहम सपोर्ट स्तर से उछाल के बाद Gold की बढ़त फीकी पड़ गई, जबकि Crude Oil में भी रिकवरी की रफ़्तार नहीं दिखी।
इसके अलावा, एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र के शेयरों में मामूली बढ़त हुई। अमेरिका के स्टॉक फ़्यूचर्स में भी मामूली gains दर्ज हुए, जो Wall Street के थोड़े सकारात्मक रुझान के अनुरूप थे। हालांकि, पिछले दिन तेज़ उछाल के बाद ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड में आगे बढ़ने की रफ़्तार नहीं दिख रही है।
क्रिप्टोकरेंसी की बात करें तो, US SEC द्वारा एक और Ethereum स्पॉट ETF की मंज़ूरी टालने के कारण BTCUSD और ETHUSD, दोनों की लगातार दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मंगलवार को US Treasury Secretary Janet Yellen की मिली-जुली टिप्पणियों के साथ सुस्त बाज़ार और किसी बड़े आँकड़े या घटना की कमी ने US Dollar और यील्ड में पहले आई बढ़त को थाम दिया। Yellen ने कहा कि राजकोषीय रूप से टिकाऊ राह पर बने रहने के लिए घाटा कम करना अहम है। साथ ही उन्होंने कहा, “राजकोषीय रूप से टिकाऊ राह पर बने रहने के लिए US बजट का संतुलित होना ज़रूरी नहीं है।”
एक अन्य घटनाक्रम में, न्यूयॉर्क फेडरल रिज़र्व (Fed) के अपडेट में अमेरिका के बढ़ते कर्ज़ का ज़िक्र किया गया, लेकिन यह भी कहा गया कि कर्ज़ का स्तर महामारी से पहले के दौर से कम था। इससे अमेरिकी डॉलर को सहारा मिला।
इसके अलावा, Cleveland Fed की अध्यक्ष Loretta J. Mester ने Fed की मौद्रिक नीति की अच्छी स्थिति का ज़िक्र किया और इस साल के अंत में ब्याज दरों में कटौती की संभावना जताई। दूसरी ओर, Minneapolis Fed के अध्यक्ष Neel Kashkari ने कहा कि साल-दर-साल महंगाई के मामले में Fed अभी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचा है, लेकिन उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा, Philadelphia Federal Reserve Bank के अध्यक्ष Patrick Harker ने ब्याज दरों को स्थिर रखने के अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले की सराहना की। उन्होंने महंगाई को वापस 2% पर लाने में “वास्तविक प्रगति” भी देखी।
दूसरी ओर, जर्मनी के औद्योगिक ऑर्डर दिसंबर में महीने-दर-महीने (MoM) 8.9% बढ़े, जो एक चौंकाने वाली बढ़त थी। इससे पहले का आँकड़ा घटाकर 0.0% किया गया था और बाज़ार को भी 0.0% की ही उम्मीद थी। हालांकि, दिसंबर में यूरोज़ोन की रिटेल बिक्री में महीने-दर-महीने 1.1% की गिरावट ने यूरो खरीदारों को निराश किया। बाज़ार को 1.0% की गिरावट की उम्मीद थी, जबकि इससे पहले यह आँकड़ा 0.3% था। ध्यान देने वाली बात है कि Vujčić, de Coz और Schnabel समेत European Central Bank (ECB) के कई अधिकारियों ने बयान दिए और उनमें से अधिकांश ने तत्काल ब्याज दर कटौती की आशंकाओं को खारिज किया।
दूसरी ओर, दिसंबर के लिए जापान के Coincident Index और Leading Economic Index के शुरुआती आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे। इससे Bank of Japan (BoJ) की आसान मौद्रिक नीतियों से जल्द बाहर निकलने की मांग को बल मिला। इन आंकड़ों और Treasury बॉन्ड यील्ड में गिरावट से USDJPY में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज हुई।
प्रोत्साहन से जुड़ी ख़बरों से चीन के शेयर बाज़ार के मंदड़ियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन कुछ हेज फ़ंड्स द्वारा शेयरों की बिकवाली पर एक्सचेंजों की कथित रोक की ख़बरों ने बढ़त को सीमित कर दिया। इस तरह चीन एशिया-प्रशांत के निवेशकों की परीक्षा ले रहा है।
Bank of England (BoE) की नीति-निर्माता Swati Dhingra ने ब्याज दरों में जल्द कटौती का समर्थन किया, लेकिन US Dollar और यील्ड में व्यापक गिरावट के बीच GBPUSD पर इसका दबाव नहीं पड़ा।
ध्यान देने वाली बात है कि न्यूज़ीलैंड (NZ) की रोज़गार रिपोर्ट के मज़बूत नतीजों से NZ Dollar, G10 करेंसीज़ में US Dollar के मुकाबले सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाली करेंसी बन गया।
कमोडिटी की बात करें तो, अमेरिका के साप्ताहिक तेल भंडार में उम्मीद से कम बढ़ोतरी, अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी और बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं ने कच्चे तेल के खरीदारों को सहारा दिया। इन कारकों ने सोने की कीमतों को भी 50-EMA और कई दिनों से बने सपोर्ट लेवल के मिलन-बिंदु से उबरने में मदद की। हालांकि, सुस्त बाज़ार और चीन से मांग घटने की आशंकाएं कमोडिटी के खरीदारों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, बड़े नीतिगत संकेतों की कमी और फंडामेंटल्स के साथ-साथ टेक्निकल विश्लेषण से मिले मिले-जुले संकेत अमेरिकी डॉलर और यील्ड में पहले की चाल को बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
आगे दिसंबर के अमेरिकी व्यापार संतुलन के आंकड़ों के साथ Federal Reserve (Fed) के कई अधिकारियों के भाषणों पर मोमेंटम ट्रेडर्स की नज़र रहेगी। दिसंबर का जर्मन औद्योगिक उत्पादन और Bank of England (BoE) के नीति-निर्माताओं के भाषण भी देखने लायक होंगे। ध्यान रखें कि तय आंकड़ों और कार्यक्रमों का महत्व कम है और इनसे ट्रेडर्स को खास दिलचस्पी मिलने की संभावना नहीं है, जब तक कि नतीजे बहुत बड़े बदलाव वाले न हों। इसके बावजूद, चीन के लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों से पहले बाज़ार में स्थिरता और हल्का आर्थिक कैलेंडर अमेरिकी डॉलर में तेजी के पक्षधर ट्रेडर्स को प्रोत्साहित कर सकते हैं और यील्ड पर नीचे की ओर दबाव डाल सकते हैं। इससे जोखिम वाले एसेट्स को मदद मिल सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!