
सोमवार की शुरुआत में ट्रेडिंग का रुझान साफ़ नहीं है। Fed अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों के बावजूद अमेरिकी डॉलर दो हफ्तों तक गिरने के बाद संभलने की कोशिश कर रहा है। वहीं, चीन से आ रही खबरें और प्रोत्साहन उपायों का संकेत देती हैं। इस हफ्ते के अहम आंकड़ों और घटनाओं से पहले सतर्कता का माहौल भी है।
US डॉलर की दिशा स्पष्ट नहीं है, जबकि ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में मामूली बढ़त प्रमुख मुद्राओं की डॉलर के मुकाबले तेजी को चुनौती दे रही है। इस बीच, EURUSD में हल्की बढ़त आई और GBPUSD ने शुक्रवार की रिकवरी को आगे बढ़ाकर पिछले हफ़्ते की गिरावट की भरपाई की। इसके अलावा, यील्ड में उछाल के अनुरूप USDJPY में मामूली बढ़त दर्ज हुई, जबकि घरेलू स्तर पर सख्त मौद्रिक नीतियों को लेकर चुनौतियों के बीच AUDUSD और NZDUSD दबाव में बने रहे।
दूसरी ओर, 2023 के अंत के बाद सबसे बड़ी दैनिक और साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद, 2024 के उच्चतम स्तर पर सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं, सप्ताह की शुरुआत में ऊपर की ओर गैप के बाद कच्चे तेल की कीमत पीछे हटी।
बुल्स के लिए किसी बड़े प्रोत्साहन की कमी के बीच, कई वर्षों के उच्च स्तर पर BTCUSD और ETHUSD में आगे और तेजी की संभावना को लेकर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर आशंकित हो रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



हालांकि फेड के अधिकांश अधिकारी ब्याज दरों को “लंबे समय तक ऊंचा” रखने के पक्ष में हैं, लेकिन हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में असमानता और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) तथा बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) जैसे अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आक्रामक टिप्पणियां अमेरिकी डॉलर को और मजबूत होने से रोक रही हैं। इसी बीच, शुक्रवार को जारी अमेरिकी ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI के कमजोर आंकड़ों ने US Dollar Index (DXY) पर दबाव डाला।
इस बीच, गोल्ड की कीमत में बड़ी तेज़ी आई और यह तकनीकी रेज़िस्टेंस को पार कर गया। अब इसे $2,065 के आसपास सपोर्ट मिल रहा है। चीन से आई हालिया ख़बरें भी XAUUSD के खरीदारों को सहारा दे रही हैं। इन ख़बरों में दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटी उपभोक्ताओं में से एक चीन में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों का संकेत दिया गया है। इसके अलावा, भारत की मज़बूत GDP और 2024 में प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों से जुड़े फ़ैसलों को लेकर अनिश्चितता भी पारंपरिक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड के तेज़ी के रुख़ को सहारा दे रही है।
एक अलग मोर्चे पर, अमेरिका के सुस्त डॉलर के बावजूद जापान की खबरों से USDJPY को समर्थन मिलता दिखा। पिछले हफ्ते के आखिर में जापानी मीडिया ने खबर दी कि टोक्यो सरकार महंगाई में गिरावट के दौर को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित करने पर विचार कर रही है। इससे बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बेहद आसान मौद्रिक नीति को समर्थन मिला और इस हफ्ते जापान के महंगाई आंकड़े आने से पहले जापानी येन (JPY) पर दबाव पड़ा।
दूसरी ओर, यूरोप के महंगाई के मजबूत आंकड़ों और ECB के अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों से EURUSD मजबूत बना रहा। हालांकि, BoE की टिप्पणियों से भरोसा नहीं बढ़ा और GBPUSD में तेजी नहीं आई, खासकर UK की अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर संदेह के बीच। ध्यान देने वाली बात है कि स्विट्ज़रलैंड के Consumer Price Index (CPI) के मजबूत आंकड़ों के बाद USDCHF में गिरावट आई, जबकि इस हफ्ते Bank of Canada (BoC) के मौद्रिक नीति फैसले और कनाडा के रोज़गार संबंधी फैसले से पहले USDCAD मजबूत बना हुआ है।
OPEC+ ने Q2 2024 तक आपूर्ति में कटौती बढ़ाने की तैयारी का ऐलान किया, जिसके बाद सप्ताह की शुरुआत में Crude Oil में ऊपर की ओर गैप आया। हालांकि, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ऊँची ब्याज दरों पर कायम रहने के कारण मांग और बढ़ने की बाज़ार की आशंकाओं के बीच हाल में काला सोना पीछे हटा।
आगे बढ़ते हुए, आज के आर्थिक कैलेंडर में नज़र रखने के लिए कम जानकारियां हैं। इससे बाज़ार के प्रतिभागियों को पिछली चालों को स्थिर करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, बुधवार और गुरुवार को होने वाली Fed चेयर Jerome Powell की गवाही पर खास ध्यान रहेगा। इसके बाद शुक्रवार को अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स (NFP) के आंकड़े जारी होंगे। अगर अमेरिकी संकेत Fed के ब्याज दरों में कटौती टालने के फैसले का समर्थन करते हैं, तो अमेरिकी डॉलर अपनी हालिया गिरावट से उबर सकता है। इससे सोने की कीमत में आई हालिया तेज़ी को चुनौती मिल सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!