
बुधवार की शुरुआत में बाज़ार की अनिश्चितता, ज़्यादातर सकारात्मक अमेरिकी आँकड़ों और डॉलर को मज़बूत बनाए रखने की हॉकिश Fed संबंधी चिंताओं के साथ बनी हुई है। हालांकि, इस हफ़्ते के अहम आँकड़ों से पहले ट्रेडर्स की मुनाफ़ावसूली और जून में Fed की ब्याज दरों में कटौती की व्यापक आशंकाएँ USD में तेज़ी की उम्मीद करने वालों के लिए चुनौती हैं।
इसके चलते EURUSD और GBPUSD पर दबाव बना हुआ है, जबकि US Dollar Index (DXY) पिछले दिन की रिकवरी को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रहा है। वहीं, USDJPY सप्ताह की शुरुआत में हुई रिकवरी को बचाए हुए है और 1990 के बाद के उच्चतम स्तर के करीब है। दूसरी ओर, मजबूत US Dollar और सतर्क बाजार माहौल का दबाव AUDUSD और NZDUSD पर है।
आगे बढ़ते हुए, Gold की कीमत पिछले दो दिनों की रिकवरी को जारी रखने के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र को लेकर निराशाजनक चिंताओं के बीच सोमवार की बढ़त गंवाने के बाद कच्चे तेल पर दबाव बना हुआ है।
दूसरी ओर, BTCUSD में लगातार पांच दिनों से तेजी बनी हुई है, जबकि ETHUSD में खरीदारी बढ़ने से यह पिछले दिन साप्ताहिक उच्च स्तर से आई गिरावट से उबर रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



पिछले दिन US Durable Goods Orders के मज़बूत आंकड़ों के साथ CB Consumer Confidence के कमज़ोर आंकड़े और Dallas Fed Manufacturing Index तथा Richmond Fed Manufacturing Index के नतीजे सामने आए। इससे US Q4 GDP और Core PCE Price Index जारी होने से पहले अमेरिकी डॉलर के ट्रेडर उलझन में पड़ गए। Core PCE Price Index को Fed का पसंदीदा मुद्रास्फीति संकेतक भी कहा जाता है। हालांकि, जोखिम से जुड़ी नकारात्मक सुर्खियां अमेरिकी डॉलर को मज़बूती दे रही हैं। साथ ही, ट्रेड वॉर की चिंताएं भी बाज़ार की धारणा पर दबाव डाल रही हैं और अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रही हैं। चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर अमेरिकी सब्सिडी के खिलाफ World Trade Organization (WTO) में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती चर्चाएं ड्रैगन राष्ट्र की जीत के पक्ष में हैं। हालांकि, इस मामले में लंबा समय लग सकता है और अमेरिका अपने बचाव में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठा सकता है। दूसरी ओर, यूरोपीय अधिकारी चीनी EVs पर पिछली तारीख से लागू होने वाले टैरिफ़ की योजना बना रहे हैं। ऐसे में बीजिंग दोतरफ़ा ट्रेड वॉर में घिरा है, जिससे उबरना उसके लिए मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा, मध्य पूर्व, रूस और यूक्रेन में भू-राजनीतिक तनाव भी बाज़ार के आशावाद को चुनौती देते हैं और USD के खरीदारों को उम्मीद बनाए रखने का मौका देते हैं।
अमेरिकी डॉलर की मज़बूती और बाज़ार की चिंता के चलते Gold की कीमत में अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, चीन से मिले सकारात्मक संकेतों ने इस कीमती धातु की कीमत को एक स्तर से नीचे गिरने से रोका है।
दिन की शुरुआत में, चीन के औद्योगिक मुनाफ़े के बेहतर आँकड़ों और अधिक प्रोत्साहन की उम्मीदों के साथ-साथ Fed की जून में ब्याज दरों में कटौती को लेकर बाज़ार की सहमति ने गोल्ड खरीदारों की उम्मीदें बनाए रखीं। दिन की शुरुआत में जारी जनवरी-फ़रवरी अवधि के लिए चीन के औद्योगिक मुनाफ़े में 10.2% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आँकड़ा -2.3% था।
आगे, Bank of Japan (BoJ) के मौद्रिक नीति बोर्ड के सदस्य Naoki Tamura ने कहा, “मौजूदा आर्थिक और मूल्य परिदृश्य के आधार पर, BOJ फिलहाल उदार मौद्रिक स्थितियां बनाए रखने की संभावना है।” अमेरिकी डॉलर की मज़बूती के साथ मिलकर, इस बयान से USDJPY की कीमत 1990 के दशक के मध्य के बाद के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ी।
ऑस्ट्रेलिया के फरवरी के मासिक Consumer Price Index (CPI) के YoY आंकड़े 3.4% पर रहे, जबकि 3.5% की उम्मीद थी। वहीं, Core CPI YoY आधार पर 3.8% से थोड़ा बढ़कर 3.9% हो गया। इसके अलावा, मासिक CPI MoM आधार पर 0.4% से बढ़कर 0.5% हो गया।
न्यूज़ीलैंड के ट्रेज़री ने वित्त वर्ष (FY) 2024 के लिए महंगाई का अनुमान पहले के 4.1% से घटाकर 3.3% कर दिया है। इसके अलावा, अर्धवार्षिक अपडेट में FY 2024 के लिए सालाना GDP वृद्धि का अनुमान 0.1% रखा गया, जबकि पिछला अनुमान 1.5% था।
अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के निजी तेल भंडार सर्वेक्षण में साप्ताहिक भंडार में 9.337 मिलियन बैरल की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके मुकाबले, पिछले सप्ताह भंडार में 1.519 मिलियन बैरल की कमी आई थी और बाज़ार का अनुमान 1.3 मिलियन बैरल की कमी का था। इस सर्वेक्षण के अलावा, जून तक OPEC+ के उत्पादन में कोई बदलाव न होने की खबर ने भी तेल की कीमत पर दबाव डाला। यह सप्ताहांत की उस खबर के विपरीत है जिसमें कहा गया था कि रूस ने घरेलू ऊर्जा कंपनियों से कार्टेल के उत्पादन-कटौती लक्ष्यों के अनुरूप उत्पादन घटाने का आग्रह किया है।
बुधवार को कोई बड़ा डेटा या अहम घटनाक्रम न होने और गुरुवार को अमेरिका के Q4 GDP के अंतिम आंकड़ों तथा शुक्रवार को Core PCE Price Index जारी होने से पहले सतर्क माहौल बने रहने की वजह से बाज़ार में उतार-चढ़ाव सीमित रह सकता है। इससे अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को बढ़त बनाए रखने और कमोडिटी, खासकर गोल्ड और कच्चे तेल पर दबाव डालने का मौका मिल सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!