
बुधवार की शुरुआत में बाज़ार अनिश्चित दिख रहे हैं। अमेरिका में सॉफ्ट लैंडिंग की नई चिंताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच जोखिम से बचने का हल्का रुझान बना हुआ है। साथ ही, ब्रिटेन, यूरोप और जापान में आर्थिक विकास धीमा पड़ने की आशंकाएं भी हैं। हाल में चीन और भारत को लेकर मिली-जुली चर्चाओं ने भी ट्रेडर्स का ध्यान खींचा है।
इस दौरान अमेरिकी डॉलर ने लगभग तीन महीने के निचले स्तर से पिछले दिन की रिकवरी को बनाए रखा और अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड को लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ने में मदद की। हालांकि, कई अमेरिकी डेटा जारी होने से पहले कमोडिटीज़ में सतर्कता बनी हुई है, जबकि जोखिम वाली परिसंपत्तियों की चमक फीकी पड़ रही है।
हालांकि, USDJPY और NZDUSD में संबंधित मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की सबसे बड़ी बढ़त दिख रही है, जबकि USDCHF और EURUSD में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिख रही। वहीं, UK के ऑटम स्टेटमेंट से पहले GBPUSD में पिछले दिन की गिरावट जारी है। सरकार वेतन बढ़ने के बाद टैक्स में कटौती के संकेत देने की योजना बना रही है, ताकि आर्थिक मंदी से बचा जा सके।
दूसरी ओर, स्पॉट ETF की मंज़ूरी को लेकर हालिया आशावाद से फंड का प्रवाह बढ़ने की उम्मीदों के बीच BTCUSD और ETHUSD ने US Dollar की रिकवरी को नज़रअंदाज़ करते हुए पिछले दिन की गिरावट की भरपाई की।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पिछले दिन तीन महीने के निचले स्तर से उबर गया और खबर लिखे जाने तक मामूली बढ़त के साथ 103.75 के करीब कारोबार कर रहा था। Fed Minutes का रुख थोड़ा hawkish दिख रहा है और बाजार की धारणा कमजोर हो रही है। मंगलवार को जारी नवीनतम Federal Open Market Committee (FOMC) बैठक के मिनट्स में कहा गया कि नीति-निर्माताओं ने अपने hawkish रुख का बचाव किया और दरों में कटौती की अटकलों को पीछे धकेला। हालांकि, Fed की आगे की नीति आने वाले आंकड़ों पर निर्भर बताई गई और इस पर अधिक सावधानी से विचार करने की जरूरत है। दूसरी ओर, अक्टूबर में अमेरिकी मौजूदा घरों की बिक्री पहले के 3.96M से घटकर 3.7M रही, जबकि 3.9M की उम्मीद थी। इसी महीने का Chicago Fed National Activity Index भी निराशाजनक रहा और इसका आंकड़ा -0.49 रहा, जबकि पिछली रीडिंग 0.02 थी।
दूसरी ओर, Bank of England (BoE) के गवर्नर Andrew Bailey ने कहा कि मौद्रिक नीति का रुख सतर्क रहने और ज़रूरत के अनुसार प्रतिक्रिया देने वाला कहा जा सकता है। हालांकि, BoE के डिप्टी गवर्नर David Ramsden ने कहा, “UK की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार की सीमा अभी कम है,” जो UK की आर्थिक चिंताओं को उजागर करता है और सुरक्षित निवेश के रूप में US Dollar की मांग को सहारा देता है। गौर करने वाली बात है कि ब्रिटिश सरकार ने आज के ऑटम स्टेटमेंट से पहले न्यूनतम वेतन £10.42 से बढ़ाकर £11.44 प्रति घंटा कर दिया। सरकार ने Cable को ऊपर उठाने की भी कोशिश की, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है।
इसी तरह, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने कहा, “यह जीत का ऐलान करने का समय नहीं है।” इसके अलावा, जापान के कैबिनेट कार्यालय ने अर्थव्यवस्था पर अपना नज़रिया घटाया। 10 महीनों में यह पहली ऐसी गिरावट थी। ध्यान देने वाली बात है कि कनाडा में महंगाई के नरम आँकड़ों और कच्चे तेल के पिछले हफ़्ते की बढ़त को बरकरार न रख पाने से कनाडाई डॉलर पर दबाव पड़ा, जिससे अमेरिकी डॉलर को संभलने में मदद मिली।
भू-राजनीति की बात करें तो, इज़राइल के नेता बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि बंधकों की अदला-बदली के लिए रुकी लड़ाई के बाद युद्ध जारी रहेगा। इसी बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इराक में ईरान समर्थित दो ठिकानों पर सैन्य हमलों की खबर दी। इससे भू-राजनीतिक चिंताएं फिर बढ़ गई हैं और अमेरिकी डॉलर को सहारा मिला है।
इसके अलावा, Reuters के अनुसार, चीनी सरकार के सलाहकारों ने 2024 के लिए अपना विकास लक्ष्य बरकरार रखा है और राजकोषीय प्रोत्साहन बढ़ाने की ज़रूरत बताई है। इससे आशंका बढ़ती है कि इस देश की आर्थिक रिकवरी में देरी हो सकती है, और US Dollar की सुरक्षित निवेश की माँग को समर्थन मिलता है। साथ ही, Reserve Bank of India (RBI) के हालिया कदमों से क्रेडिट की शर्तें सख़्त हुई हैं और दंड के नियमों पर निगरानी बढ़ी है। इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र जल्द समाप्त होने की आशंका बढ़ती है। महँगाई की चिंताओं का ज़िक्र करने वाला कमजोर मासिक आर्थिक बुलेटिन भी US Dollar के खरीदारों को आकर्षित कर रहा है।
आगे की बात करें तो, अक्टूबर के US Durable Goods Orders, Weekly Jobless Claims और UoM Michigan Consumer Sentiment के दूसरे रीडिंग पर बाज़ार की नज़र रहेगी। ये डेटा Thanksgiving के दिन कारोबार में संभावित सुस्ती से पहले बाज़ार का रुख तय कर सकते हैं। हाल में बाज़ार का ध्यान Fed की नीतिगत दिशा में बदलाव से जुड़ी चिंताओं से हटकर US की सॉफ्ट लैंडिंग पर गया है। ऐसे में, अगर तय डेटा मज़बूत आता है, तो US Dollar की हालिया रिकवरी आगे भी जारी रहने की संभावना है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!