
गुरुवार की शुरुआत में बाज़ार का रुझान मिला-जुला है, क्योंकि ट्रेडर्स यूरोप, यूके और अमेरिका के मई के PMI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। ट्रंप की टैक्स कटौती से जुड़े अमेरिका के बढ़ते राजकोषीय कर्ज़ और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ जारी व्यापारिक तनाव को लेकर चिंताओं के बीच सतर्कता बनी हुई है। यूक्रेन और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भी आशावाद को कम कर रहे हैं। वहीं, लगातार बनी महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंकों की चेतावनियों से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें घट रही हैं। इससे वैश्विक विकास धीमा पड़ने, व्यापारिक संघर्ष बढ़ने और राजनीतिक जोखिम तेज़ होने की आशंकाएँ बढ़ रही हैं।
बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सचिव ने कथित तौर पर यूरोपीय नेताओं से कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे भू-राजनीतिक चिंताओं की बढ़ती सूची में एक और चिंता जुड़ गई। ईरान के परमाणु ठिकानों पर इज़राइल के संभावित हमले की आशंका और आधिकारिक युद्धविराम के बावजूद भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव से भी बाज़ार दबाव में हैं।
अमेरिका-जापान के बीच तनाव का हल नहीं निकलने और यूरोपीय संघ-अमेरिका की बातचीत में प्रगति न होने से व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं। इस बीच, चीन 10 आसियान देशों के साथ व्यापार समझौते करके दुनिया भर में अपने संबंध मज़बूत कर रहा है। वहीं, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया नई व्यापार साझेदारियाँ बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और शुरुआती संकेत सफल रहे हैं।
ट्रंप का कर विधेयक अब कानून बनने के करीब है। इससे अमेरिकी राजकोषीय घाटे और आर्थिक विकास पर उसके संभावित नकारात्मक असर को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार और राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के PMI से मिले-जुले संकेत मिले, न्यूज़ीलैंड ने अपने राजकोषीय घाटे के पूर्वानुमान घटाए, जबकि जापान के मई के गतिविधि डेटा से कोई स्पष्ट तस्वीर नहीं मिली। इसके बाद BoJ और सरकारी अधिकारियों ने सतर्क टिप्पणियां कीं।
जोखिम से बचने के इस माहौल में वैश्विक लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड बढ़े और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव पड़ा। वहीं, सोना, स्विस फ़्रैंक (CHF) और जापानी येन (JPY) जैसे पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्पों में बढ़त आई। प्रमुख करेंसी और कमोडिटी से जुड़ी ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर में भी मामूली तेज़ी आई। GBP/USD में मज़बूत बुलिश टेक्निकल सेटअप और यूके के मज़बूत CPI डेटा के चलते खास बढ़त दिखी।
तेल की कीमतें कुछ समय के लिए कई दिनों के उच्च स्तर पर पहुंचीं, लेकिन EIA की साप्ताहिक रिपोर्ट—जो API के आंकड़ों से मेल खाती थी—में भंडार अप्रत्याशित रूप से बढ़ने और आपूर्ति में इज़ाफ़े के संकेत मिलने के बाद नीचे आ गईं। क्रिप्टो बाज़ार में Bitcoin (BTCUSD) ने अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर फिर छुआ और Ethereum (ETHUSD) में भी बढ़त हुई। हालांकि, वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर क्लोज़िंग के बाद इक्विटी फिसलीं।
तीन दिन की तेजी के बाद EURUSD दो हफ़्ते के उच्च स्तर के पास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। ECB की हालिया टिप्पणियों से लगातार बनी महंगाई, ग्रोथ और व्यापार संबंधी चिंताओं के बीच यूरो की मज़बूती पर संदेह बढ़ा है। नीति-निर्माताओं ने सतर्क आशावाद का रुख दिखाया और जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना को ख़ारिज किया, लेकिन उनकी टिप्पणियों में दृढ़ विश्वास नहीं दिखा।
इसी बीच, EU-अमेरिका व्यापार वार्ता में धीमी प्रगति और कमजोर आर्थिक डेटा से यूरो को बहुत कम समर्थन मिल रहा है। ऐसे में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ही हाल में इस करेंसी पेयर की बढ़त का मुख्य कारण है। यूरोज़ोन और जर्मनी के मई के PMI डेटा आने वाले हैं। उम्मीद से कमजोर डेटा इस पेयर की तेजी को चुनौती दे सकता है और इसकी साप्ताहिक बढ़त रोक सकता है।
तेज़ी के आठ महीने पुराने “कप एंड हैंडल” पैटर्न, यूके के मजबूत महंगाई डेटा और अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी के सहारे GBPUSD फरवरी 2022 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, लगातार तीन दिन की बढ़त के बाद इसमें तेजी थम गई, क्योंकि अहम PMI जारी होने से पहले बाज़ारों में ठहराव का दौर शुरू हो गया।
इस बीच, USDJPY लगातार आठवें दिन गिरा और दो हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंचा। सुरक्षित निवेश के रूप में येन की अपील, बैंक ऑफ़ जापान का सख़्त रुख और अमेरिकी ट्रेज़री की कथित सुरक्षा को लेकर बढ़ते संदेह ने येन को मज़बूती दी और यील्ड में बढ़ोतरी की। जापान के PMI से भले ही कोई खास प्रोत्साहन नहीं मिला, लेकिन ट्रेडर्स के अहम अमेरिकी आंकड़ों और ट्रंप के टैक्स बिल पर मतदान का इंतज़ार करने के बीच मंदी की रफ़्तार कुछ धीमी हुई है।



अमेरिकी डॉलर में व्यापक कमजोरी के बावजूद, AUDUSD में लगातार दूसरे दिन सिर्फ़ मामूली बढ़त दर्ज हुई। ऑस्ट्रेलिया के मिले-जुले PMI डेटा और व्यापार समझौते को लेकर आशावाद से इसे समर्थन मिला। वहीं, NZDUSD ने पिछले दिन की बढ़त गंवा दी, लेकिन इसमें गति नहीं आई। न्यूज़ीलैंड के अपडेटेड राजकोषीय अनुमानों से बाज़ार प्रभावित नहीं हुए और ऑकलैंड से कोई नया सकारात्मक संकेत भी नहीं मिला।
तीन दिन की गिरावट के बाद USDCAD दो हफ़्ते के निचले स्तर पर दबाव में बना हुआ है। कनाडा के मज़बूत आंकड़े, राजनीतिक आशावाद और Crude Oil की ऊंची कीमतें—जो कनाडा का प्रमुख निर्यात है—इस करेंसी पेयर पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, गिरावट की रफ़्तार धीमी हुई है। इसकी एक वजह यह भी है कि US क्रूड इन्वेंटरी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद तेल मासिक ऊंचाई छूने के बावजूद लगातार तीन दिन की बढ़त गंवा बैठा।
अस्थिर सत्र के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों को दिशा तय करने में मुश्किल हुई। ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव के कारण कीमतें पहले महीने के उच्च स्तर तक उछलीं, लेकिन फिर तेज़ी से पलटीं और 4 दिनों में पहली बार गिरावट के साथ बंद हुईं। यह गिरावट अमेरिका के आधिकारिक साप्ताहिक भंडार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद आई, जो पहले जारी इंडस्ट्री डेटा के अनुरूप थी। सप्लाई में रुकावट न होने, OPEC+ के संभावित उत्पादन बढ़ाने की अटकलों और धीमी आर्थिक वृद्धि व ट्रेड अनिश्चितताओं के बीच वैश्विक मांग को लेकर लगातार बनी चिंताओं ने भी कीमतों पर दबाव डाला।
इस बीच, सोने में लगातार चौथे दिन बढ़त जारी रही और इसने एक महीने से अधिक समय में न देखे गए अहम रेज़िस्टेंस स्तर को परखा। सुरक्षित निवेश की माँग मज़बूत बनी हुई है, क्योंकि निवेशक आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताओं, कमज़ोर होते US Dollar और व्यापार वार्ताओं में ठोस प्रगति न होने से बचाव चाहते हैं। ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी भी निवेशकों की सतर्कता दिखाती है और सोने को अतिरिक्त समर्थन देती है।
तीन दिनों की लगातार बढ़त के दौरान Bitcoin (BTCUSD) की रैली आगे बढ़ी और इसने अब तक का नया उच्च स्तर बनाया। वहीं, Ethereum (ETHUSD) लगातार दूसरे दिन मज़बूत बना रहा और सप्ताह का नया उच्च स्तर छू लिया। अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी, इंडस्ट्री में बढ़ते आशावाद और तेज़ी के तकनीकी ब्रेकआउट के चलते यह उछाल बाज़ार की कुल मिलाकर सुस्त धारणा के बावजूद आया।
आगे देखें तो गुरुवार के आर्थिक कैलेंडर में यूरोज़ोन, जर्मनी, UK और US के मई के शुरुआती PMI आंकड़े शामिल हैं। इसके साथ ही US के साप्ताहिक बेरोज़गारी दावों के आंकड़े भी जारी होंगे। अधिकांश PMI में सेवा क्षेत्र की गतिविधि मज़बूत होने और महंगाई का दबाव बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार आर्थिक गतिविधियों के व्यापक परिदृश्य पर, खासकर US में, बारीकी से नज़र रखेंगे। उम्मीद से बेहतर आंकड़े अमेरिकी डॉलर को हालिया नुकसान की भरपाई में मदद कर सकते हैं और प्रमुख करेंसी पेयर्स तथा क्रूड ऑयल में गिरावट ला सकते हैं।
हालांकि, USD में तेज़ उछाल आने की संभावना कम है। ऐसा न होने पर JPY, CHF, Gold और क्रिप्टोकरेंसी जैसी सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियां स्थिर रह सकती हैं और बड़ी गिरावट से बच सकती हैं।
इस बीच, अगर ट्रंप का टैक्स बिल पारित हो जाता है, तो इससे अमेरिका के बढ़ते कर्ज़ और धीमी पड़ती आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएँ बढ़ सकती हैं। इससे डॉलर पर दबाव पड़ सकता है, जबकि ट्रेज़री यील्ड बढ़ सकती है और इस सप्ताह दिखे व्यापक एसेट बाज़ार के रुझान को बल मिल सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!