
बाज़ारों में फ़ेड की बैठक से पहले आम तौर पर दिखने वाला कंसोलिडेशन नज़र आ रहा है। इसी वजह से अमेरिकी डॉलर अपनी पिछली बढ़त गंवा रहा है, खासकर मिले-जुले आर्थिक आँकड़ों और फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसलों की घोषणा से पहले सतर्क माहौल के बीच। वहीं, चीन से आई जोखिम लेने के पक्ष में सकारात्मक खबरें और प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें घटाए जाने की उम्मीदें सतर्क आशावाद को सहारा दे रही हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक खबरें और अहम घटनाओं से पहले की चिंता इस आशावाद को सीमित कर रही हैं।
अनिश्चितता के बीच, जोखिम का संकेतक माने जाने वाला AUDUSD, अमेरिकी डॉलर के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा गिरा। ऑस्ट्रेलिया और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार चीन से आए कमजोर आँकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की इस जोड़ी पर नीचे की ओर दबाव डाल सकते हैं।
EURUSD तीन हफ़्तों के निचले स्तर से उबरता है, लेकिन लगातार दो दिन गिरने के बाद GBPUSD दबाव में है। Bank of England (BoE) के नरम रुख की आशंका के बीच GBPUSD को खास तौर पर मुश्किल हो रही है।
USDJPY में उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा। यह पहले गिरकर 3.5 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा और फिर मामूली बढ़त दर्ज की। येन पेयर में तेज़ उतार-चढ़ाव Bank of Japan (BoJ) की ब्याज दर में 0.15% की बढ़ोतरी को सही ठहराने के लिए काफ़ी नहीं है।
दूसरी ओर, अपने देश के बेहतर आंकड़ों के बावजूद NZDUSD में पिछले दिन की सुधारात्मक बढ़त फीकी पड़ रही है, जबकि आठ महीने के उच्च स्तर से पलटने के बाद USDCAD की चाल अब भी अनिश्चित बनी हुई है। ध्यान दें कि आठ सप्ताह के निचले स्तर से Crude Oil की रिकवरी से Canadian Dollar (CAD) को हुए नुकसान की भरपाई में मदद मिल रही है।
अमेरिका के तेल भंडार में उम्मीद से ज़्यादा गिरावट और भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच Crude Oil की तीन दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया। कीमतें जून की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर से उछलीं।
बाज़ार की चिंता, अमेरिकी डॉलर में गिरावट और नरम यील्ड से सोने की कीमत को सहारा मिला। दो हफ्ते पुराने मंदी के चैनल को पार करने के बाद यह एक हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
क्रिप्टोकरेंसी की बात करें तो, अमेरिकी सरकार के फंड ट्रांसफर की आशंकाओं के बावजूद BTCUSD और ETHUSD ने अपने पिछले नुकसान की कुछ भरपाई की है। बिटकॉइन और एथेरियम की चाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत को लेकर मिली-जुली चिंताओं का भी दबाव है। इसी जीत से जुलाई की शुरुआत में तेज़ी आई थी।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिका में JOLTS Job Openings का तीन महीने का उच्च स्तर और CB Consumer Confidence के बेहतर आंकड़े भी FOMC से पहले अमेरिकी डॉलर में तेजी के कारोबारियों का उत्साह नहीं बढ़ा सके। डॉलर में गिरावट को बाज़ारों में सतर्क आशावाद और बुधवार की घोषणाओं के दौरान अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) द्वारा नरम रुख के साथ ब्याज दरों में ठहराव की उम्मीदों से जोड़ा जा सकता है।
चीन पर नए टैरिफ़ में देरी के संकेत देने वाली खबरों और अधिक प्रोत्साहन उपायों के पक्ष में चीन की पोलित ब्यूरो बैठक की घोषणाओं ने भी बाज़ार की निराशा को कम किया और अमेरिकी डॉलर पर गिरावट का दबाव बनाया।
हालांकि, हाल के मजबूत अमेरिकी आंकड़े और चीन, मध्य पूर्व तथा अमेरिका से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएं अमेरिकी डॉलर के मंदड़ियों के लिए चुनौती बन रही हैं। इसकी वजह 2024 में ब्याज दरों में कम कटौती की उम्मीद है।
इन घटनाक्रमों के बीच, दो सप्ताह के उच्च स्तर से पलटने के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव बना हुआ है। वहीं, यूरोज़ोन और जर्मनी से आए ज़्यादातर निराशाजनक ग्रोथ और महंगाई के आंकड़ों के कारण EURUSD को अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
ध्यान देने वाली बात है कि GBPUSD निचले स्तरों पर बना हुआ है। ब्रिटेन के महंगाई के ताज़ा संकेत BoE की ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में हैं, जबकि ब्रिटेन की राजनीति पाउंड ट्रेडरों के आशावाद को चुनौती दे रही है। यह भी गौर करने वाली बात है कि ब्रिटेन के कम अवधि वाले गिल्ट बॉन्ड की यील्ड में गिरावट भी BoE की ब्याज दरों में कटौती का संकेत देती है और केबल पेयर पर दबाव डालती है।
USDJPY में Bank of Japan (BoJ) की 0.15% ब्याज दर वृद्धि का असर पर्याप्त नहीं दिखा, क्योंकि इसकी खबर पहले ही लीक हो चुकी थी और जापानी केंद्रीय बैंक का सख़्त रुख़ भी कमज़ोर पड़ता दिख रहा है। येन पेयर पर ट्रेड करने वालों के लिए BoJ का बॉन्ड खरीद घटाने का फ़ैसला और आर्थिक आकलन में सावधानी भरा लहजा भी चुनौती पेश कर रहे हैं।
G10 करेंसी पेयर्स में AUDUSD में सबसे ज़्यादा गिरावट आई, जबकि अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन कमज़ोर रहा और चीन के प्रोत्साहन उपायों की खबरें भी सामने आईं। इसकी वजह ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक महंगाई के आँकड़े और चीन के मिले-जुले PMI हो सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि हाल के दिनों में अगले हफ़्ते की मौद्रिक नीति बैठक में Reserve Bank of Australia (RBA) द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है।
न्यूज़ीलैंड से ANZ के मजबूत सेंटिमेंट डेटा के बावजूद NZDUSD एक हफ़्ते के उच्च स्तर से पीछे हट गया और पिछले दिन की सुधारात्मक उछाल को पलट दिया। इसकी वजह चीन के कमजोर डेटा और FOMC से पहले बाज़ार में जारी समेकन हो सकता है।
USDCAD पिछले दिन नवंबर 2023 के बाद के उच्चतम स्तर से पलटने के बाद भी दबाव में बना हुआ है। इस दौरान, लूनी पेयर कनाडा की मुख्य निर्यात वस्तु यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में सुधार और अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट से संकेत ले रहा है।
क्रूड ऑयल की बात करें तो, तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की खबर और अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के अनुसार, साप्ताहिक क्रूड ऑयल भंडार में उम्मीद से अधिक गिरावट ने तेल की कीमतों को बढ़ावा दिया।
बाज़ार में अभी भी काफी अनिश्चितता बनी हुई है और जोखिम वाली एसेट्स में गिरावट आ रही है। ऐसे में ट्रेडर्स को सोने की कीमतों से कुछ राहत मिली है। नतीजतन, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और मिले-जुले रुझान के बीच सोना एक हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और पिछले दिन की तेज़ी को आगे बढ़ाया। इसके अलावा, चीन से और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीदों और अन्य जगहों पर भू-राजनीतिक तनाव ने भी XAUUSD की तेज़ी में योगदान दिया।
मुख्य आर्थिक डेटा की सक्रिय शुरुआत के बाद, आगे फ़ॉरेक्स बाज़ार के प्रतिभागियों को और अधिक वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यूरोज़ोन और अमेरिका से आने वाले कई अहम आर्थिक डेटा हो सकते हैं। इनमें EU की महंगाई के शुरुआती आंकड़ों, US ADP Employment Change और US Federal Reserve (Fed) की घोषणाओं पर खास ध्यान रहेगा। इसके अलावा, मई के कनाडाई GDP के मासिक आंकड़े, US EIA Crude Oil Stocks Change के साप्ताहिक नतीजे और जोखिम से जुड़ी खबरें भी मोमेंटम ट्रेडर्स की गतिविधियों को प्रभावित करेंगी।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा आगे ब्याज दरों में कटौती लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में, EU की महंगाई में कोई भी सुधार EURUSD के खरीदारों के लिए शायद मददगार न हो, जब तक कि Fed ब्याज दरों में कटौती रोकने का नरम रुख अपनाकर निराश न करे। दूसरी ओर, EU CPI और HICP के कमजोर आंकड़े, साथ ही Fed का नीतिगत सख्ती के पक्षधर अधिकारियों को संतुष्ट कर पाना, यूरो पेयर को नीचे धकेल सकता है।
अमेरिका के ADP Employment Change के आंकड़े, जिन्हें शुक्रवार को जारी होने वाले Nonfarm Payrolls (NFP) का शुरुआती संकेत भी माना जाता है, संभवतः फिर से 150K पर आएंगे। हाल के समय में इस संकेत ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। इसलिए, अमेरिकी डॉलर में हलचल लाने के लिए आंकड़ों का बेहद असामान्य होना ज़रूरी है, खासकर तब जब बाज़ार FOMC के फैसले का इंतज़ार कर रहा है। Fed द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने की सबसे अधिक संभावना है। हालांकि, सितंबर में ब्याज दरों में कटौती के संकेतों और Fed चेयर Powell की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी, ताकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगे की दर कटौतियों का अनुमान लगाया जा सके। अगर इनकी पुष्टि होती है, तो अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ सकता है।
दूसरी ओर, क्रूड ऑयल और Gold की कीमतों में सुधार, अमेरिकी डॉलर की संभावित गिरावट के साथ मिलकर USDCAD को नीचे बनाए रख सकता है और AUDUSD तथा NZDUSD की कीमतों को सहारा दे सकता है। हालांकि, हालिया ब्याज दर बढ़ोतरी के बाद BoJ की आगे की कार्रवाई को लेकर बाज़ार में अनिश्चितता के बीच USDJPY की दिशा स्पष्ट नहीं हो सकती।
इसके अलावा, वॉल स्ट्रीट की कई कंपनियों के नतीजे भी मोमेंटम ट्रेडर्स की दिलचस्पी बनाए रख सकते हैं। यह ऐसे समय में है जब हालिया उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख सूचकांक अपने अब तक के उच्चतम स्तरों के करीब हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!