
हाल में बाज़ारों में थोड़ी सकारात्मकता के बावजूद, उनकी दिशा अब भी स्पष्ट नहीं है। मिले-जुले अमेरिकी डेटा के बीच, ट्रेडर अमेरिकी सरकार के शटडाउन और Fed के अगले कदम को लेकर चिंतित हैं। चीन से जुड़ी चिंताएँ और बड़े डेटा/घटनाओं की कमी सतर्कता के इस माहौल को और बढ़ा सकती हैं।
बाज़ारों में अनिश्चितता के बीच, ट्रेडर Fed की आक्रामक टिप्पणियों का स्वागत कर रहे हैं और सुरक्षित निवेश के लिए US Dollar की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर पर दबाव पड़ रहा है। मिले-जुले बाज़ार भाव ने ऑस्ट्रेलिया के उम्मीद से बेहतर महंगाई के आँकड़ों को पीछे छोड़ दिया है, जिससे AUDUSD पर दबाव है। वहीं, ECB और Fed अधिकारियों के सख्त नीतिगत संकेतों के बीच EURUSD संघर्ष कर रहा है। दूसरी ओर, UK की आर्थिक मुश्किलों के चलते GBPUSD कई महीनों के निचले स्तर पर बना हुआ है, जबकि BoJ और जापानी अधिकारियों की नरम टिप्पणियों के बीच US Treasury बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बावजूद USDJPY में इसके अनुरूप गिरावट नहीं आई है।
Wall Street गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि चीन की अगुवाई में एशिया-प्रशांत के शेयरों में हाल में मामूली बढ़त दर्ज की गई। वहीं, ट्रेडिंग के शुरुआती घंटे में यूरोप और UK के शेयर बाज़ार भी थोड़े सकारात्मक रहे।
इसके चलते सोने की कीमत छह सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई, जबकि क्रूड ऑयल में पिछले दिन की रिकवरी जारी रही।
ETF मंज़ूरी के लिए उद्योग के खिलाड़ियों की कोशिशों और इस महीने बड़े पैमाने पर होने वाली ऑप्शंस एक्सपायरी के विपरीत प्रभावों के बीच क्रिप्टोकरेंसी में मिला-जुला कारोबार हो रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



बाज़ार के मिले-जुले रुख और अमेरिकी आँकड़ों के बावजूद—और अमेरिकी सरकार के शटडाउन की चिंताओं को नज़रअंदाज़ न करें—अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। हालांकि, अमेरिकी CB कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस और नए घरों की बिक्री में नरमी आई, लेकिन S&P/CS Composite-20 HPI और Richmond Fed Manufacturing Activity Index में सुधार ने फ़ेड के hawkish रुख को समर्थन दिया और DXY को भी ऊपर चढ़ाया। hawkish रुख वाले फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) अधिकारियों में, मिनियापोलिस फ़ेड के अध्यक्ष नील काशकारी ने खास ध्यान खींचा। उन्होंने संकेत दिया कि दरों के “काफी अधिक” होने की 40% संभावना है। इसी तरह, फ़ेड गवर्नर मिशेल बोमन ने भी प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति की ज़रूरत के समर्थन में बढ़ते किराये का ज़िक्र किया।
ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी राजनयिक सरकार का शटडाउन टालने और अमेरिकी डॉलर की सेफ़-हेवन मांग को कम करने के लिए कर्ज़ सीमा बढ़ाने के समझौते में अच्छी प्रगति की लगातार जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, Goldman Sachs और JP Morgan जैसे बड़े बैंक कई बार शटडाउन होने की संभावना जता रहे हैं, जिससे बाज़ार की धारणा प्रभावित हो रही है।
चीन ने संकटग्रस्त हाउसिंग कंपनी Evergrande के अधिकारियों को हिरासत में लिया। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी हाउसिंग कंपनी भी है। इस कदम से ड्रैगन नेशन को लेकर कर्ज़ की चिंताएँ बढ़ीं, जिससे आशावादी ट्रेडर्स का भरोसा डगमगाया और सोने की कीमत पर नीचे की ओर दबाव पड़ा। गौर करने वाली बात है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के लिए पीपुल्स बैंक ऑफ़ चाइना (PBoC) अधिक प्रोत्साहन और अन्य उपायों पर ज़ोर दे रहा है। इससे निराशावाद कम हुआ। इसके अलावा, अगस्त में चीन के औद्योगिक मुनाफ़े में सुधार ने भी जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और सोना बेचने वालों को चुनौती दी।
वहीं, क्रिप्टो इंडस्ट्री के कई पेशेवर और कुछ सरकारी संगठन भी अमेरिकी SEC पर स्पॉट ETF को मंज़ूरी देने की प्रक्रिया तेज़ करने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन कड़े नियमों की आशंका BTCUSD और ETHUSD के बुल्स को बढ़त लेने से रोक रही है। Bitcoin और Ethereum के ट्रेडर्स के लिए जल्द होने वाली बड़ी ऑप्शंस एक्सपायरी भी एक चुनौती है।
आगे चलकर, आर्थिक कैलेंडर में कम गतिविधियां होने के कारण बाजार की दिशा के स्पष्ट संकेतों के लिए बाजार प्रतिभागियों का ध्यान जोखिम से जुड़े अहम कारकों पर बना रहेगा। इनमें अमेरिकी ऋण सीमा पर समझौते और फेड की टिप्पणियों पर खास ध्यान दिया जाएगा। अगर अमेरिकी नीति-निर्माता 01 अक्टूबर से पहले किसी समझौते की घोषणा करते हैं, तो बाजार का रुख बेहतर हो सकता है, जिससे अमेरिकी डॉलर में गिरावट आ सकती है। हालांकि, फेड की आक्रामक रुख संबंधी चिंताओं से डॉलर के खरीदारों की उम्मीदें बनी हुई हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!